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आंध्र प्रदेश में एल‑निनो का प्रभाव: कुर्नूल से 10,000 परिवारों का प्रवास
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आंध्र प्रदेश में एल‑निनो का प्रभाव: कुर्नूल से 10,000 परिवारों का प्रवास

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•15 अक्टूबर 2026 को 05:07 am बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

एल‑निनो की लहर ने आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में भारी सूखा ला दिया, जिससे लगभग दस हजार परिवारों को जीवनरक्षा के लिए निकटवर्ती राज्यों में स्थानांतरित होना पड़ा।

पिछले कुछ महीनों में एशिया‑प्रशांत में विकसित हुई एल‑निनो लहर ने भारतीय उपमहाद्वीप में मानसून की अनियमितता को बढ़ा दिया है। विशेषकर आंध्र प्रदेश के उत्तर भाग में स्थित कुर्नूल जिले में वर्षा की मात्रा औसत से 40 % तक घट गई, जिससे जलस्रोतों का स्तर गंभीर रूप से गिर गया और कृषि उत्पादन में भारी नुकसान हुआ। इस क्षेत्र की मुख्य आजीविका धान, जौ और मटर जैसी फसलों पर निर्भर है; सूखे के कारण फसल विफलता के साथ ही जलभ्रष्ट जलभरण तालाब और कुओँ भी सूख गए, जिससे ग्रामीण परिवारों को पीने के पानी की भी कमी का सामना करना पड़ा।

परिणामस्वरूप, स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, लगभग दस हजार परिवार ने अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुर्नूल से निकटवर्ती राज्य जैसे तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु की ओर प्रवास किया है। इन प्रवासियों ने मुख्यतः सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों का उपयोग किया, जबकि कई परिवार अस्थायी शिविरों और मित्र-परिवार के घरों में आश्रय ले रहे हैं। प्रवास के दौरान उन्हें रोजगार की अस्थिरता, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शैक्षणिक व्यवधान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने तत्काल राहत के तौर पर प्रवासी परिवारों को खाद्य रेशन, जल आपूर्ति और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने की घोषणा की है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंधारण परियोजनाओं को तेज़ करने और सूखे‑रोधी फसलों की बुवाई को प्रोत्साहित करने के
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