** गुवाहाटी में कल से शुरू होगा 8‑दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026
Naitik Chakravarti Times
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** असम के सांस्कृतिक राजधानी गुवाहाटी में कल से आयोजित होने वाला 8‑दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026, देश‑विदेश के कारीगरों को एक मंच प्रदान करेगा और स्थानीय शिल्प परंपराओं को नई पहचान देगा।
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गुवाहाटी के प्रमुख सांस्कृतिक स्थल में कल से शुरू होने वाला शिल्प समागम मेला 2026, आठ दिनों तक चलने वाला एक व्यापक कार्यक्रम है जिसमें असम के पारंपरिक शिल्पों को आधुनिक बाजार में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मेले का आयोजन असम सरकार के सांस्कृतिक विभाग, असम टूरिज्म विकास निगम (ATDC) और राष्ट्रीय शिल्प परिषद (NSC) के सहयोग से किया जा रहा है। मेले में बटिक, सिल्क, बांस, धातु, मिट्टी और कढ़ाई जैसे विभिन्न शिल्पों की प्रदर्शनी होगी, जिसमें लगभग 300 से अधिक कारीगरों की भागीदारी अनुमानित है। प्रमुख शिल्पकारों को अपने कार्यशालाओं और लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दर्शकों को प्रक्रिया से परिचित कराते हुए, शिल्प कौशल के संरक्षण और नवाचार को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा।
पिछले वर्षों में शिल्प समागम ने स्थानीय कारीगरों के आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और असम की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है। इस बार के मेले में विशेष रूप से युवा शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट‑अप पिच, डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप और डिजिटल मार्केटिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, मेले के दौरान असम सरकार द्वारा शिल्प निर्यात को सुगम बनाने हेतु नई नीतियों की घोषणा की जाएगी, जिससे कारीगरों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की सुविधा मिलेगी।
स्थानीय व्यवसायियों और पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि शिल्प समागम मेला न केवल शिल्प कला को संरक्षित करेगा, बल्कि गुवाहाटी के पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और नृत्य प्रदर्शन, तथा पारंपरिक व्यंजनों की स्टॉल्स आगंतुकों को असम की समृद्ध विरासत का समग्र अनुभव प्रदान करेंगे। इस पहल से असम की शिल