तवांग मठ में 21,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित की
Naitik Chakravarti Times
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तवांग मठ में शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों को सम्मानित करने के लिए 21,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने एकत्रित होकर पूजा-अर्चना की, जिससे इस प्राचीन बौद्ध केंद्र की आध्यात्मिक महत्ता फिर से उजागर हुई।
उत्तराखंड के अल्पाइन क्षेत्र में स्थित तवांग मठ, जो बौद्ध धर्म के चार प्रमुख मठों में से एक माना जाता है, ने हाल ही में एक विशेष आयोजन किया जिसमें शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर लगभग दो दशकों से अधिक की संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय बौद्ध संन्यासी, और पर्यटक एकत्रित हुए। मठ के मुख्य द्वार पर स्थापित विशाल ध्वज और धूपबत्ती की रोशनी में भक्तों ने मंत्रोच्चार के साथ अवशेषों के सामने फूल, धूप और मोमबत्तियों की अर्पण किया। इस आयोजन को मठ के प्रधान अभिभावक ने धार्मिक महत्व के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
तवांग मठ का इतिहास सातवीं शताब्दी में स्थापित हुआ था और यह बौद्ध धर्म के तिब्बती स्कूल का प्रमुख केंद्र है। शाक्यमुनि बुद्ध के अवशेष, जिन्हें कई शताब्दी पुराना माना जाता है, पिछले कुछ महीनों में मठ के संरक्षण में लाए गए थे, जिससे इस स्थल की पवित्रता में नई चमक आई। बौद्ध विद्वानों का कहना है कि ऐसे अवशेष न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत होते हैं, बल्कि बौद्ध धर्म के प्रसार और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस वर्ष के बौद्ध उत्सव के दौरान अवशेषों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और आस्था की अनुभूति हुई।
मठ के प्रशासन ने इस बड़े पैमाने के समारोह के बाद भविष्य में अधिक नियमित रूप से पवित्र अवशेषों