कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए पहली अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (NGMV) का कील‑लेइंग समारोह सम्पन्न किया
Naitik Chakravarti Times
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कोचीन शिपयार्ड ने भारतीय नौसेना के लिए निर्मित पहली अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (NGMV) का कील‑लेइंग किया, जिससे भारत की स्वदेशी युद्धपोत निर्माण क्षमता और समुद्री सुरक्षा में नई दिशा का संकेत मिला।
कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए तैयार की जा रही पहली अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (Next Generation Missile Vessel – NGMV) का कील‑लेइंग समारोह आज आयोजित किया। इस समारोह में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, शिपयार्ड के प्रबंधन और रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हुए। कील‑लेइंग के साथ ही पोत के निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया, जिसमें आधुनिक रडार, एंटी‑एयर डिफेन्स सिस्टम और लंबी दूरी के क्रूज़ मिसाइलों को समाहित करने वाली अत्याधुनिक तकनीकें लागू की जाएँगी। यह पोत 2,500 टन वर्गीय विस्थापन, 70 मीटर की लंबाई और 12 मीटर की बीम के साथ डिजाइन किया गया है, जो भारत की समुद्री शक्ति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
NGMV परियोजना को भारतीय नौसेना की भविष्य की क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए एक प्रमुख कदम माना जा रहा है। यह पोत पिछले शिपिंग प्रोजेक्ट्स जैसे कि किलर क्लास और किलर‑II क्लास मिसाइल पोतों के अनुभव को आगे बढ़ाते हुए, अधिक तेज़ गति, बेहतर स्टेल्थ प्रोफ़ाइल और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताएँ प्रदान करेगा। कोचीन शिपयार्ड ने पिछले दो दशकों में कई प्रमुख नौसैनिक जहाज़ों का निर्माण किया है, और इस परियोजना के माध्यम से भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को और अधिक सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NGMV के सफल निर्माण से भारत की समुद्री रक्षा रणनीति में बदलाव आएगा, विशेषकर भारतीय महासागर क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए। इस पोत की डिलीवरी के बाद, भारतीय नौसेना को अपने तटस्थ समुद्री क्षेत्रों में तेज़ प्रतिक्रिया क्षमता और विस्तारित कवरेज प्राप्त होगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों को लाभ होगा।