राष्ट्रीय खेल मेले का उद्घाटन: युवा प्रतिभाओं को नई ऊर्जा
Naitik Chakravarti Times
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राष्ट्रीय खेल मेले का उद्घाटन नई दिल्ली में हुआ, जिसमें 3500 से अधिक खिलाड़ी और 2000 दर्शक एकत्रित हुए। मेले में एथलेटिक्स, क्रिकेट, कबड्डी और ई-स्पोर्ट्स जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, और युवा प्रतिभाओं को पहचानने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए। इस पहल ने क्रीडाप्रेमियों को नई ऊर्जा और अवसर प्रदान किए।
भारत के प्रमुख खेल आयोजनों में से एक, राष्ट्रीय खेल मेले का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली के राजकीय खेल परिसर में हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्रीडाप्रेमियों को नई ऊर्जा देना और युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए एक मंच उपलब्ध कराना था। मेले में विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएँ, प्रशिक्षण कार्यशालाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे, जिनसे देशभर से 3500 से अधिक खिलाड़ी और 2000 दर्शक एकत्रित हुए। यह पहल खेल मंत्रालय की ‘क्रीडा विकास योजना’ के तहत शुरू की गई थी, जो 2025 तक 10,000 नए युवा क्रीडाप्रेमियों को पहचानने का लक्ष्य रखती है।
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खेल मंत्री अजय सिंह और अंतरराष्ट्रीय क्रीडा महासंघ के अध्यक्ष जॉन स्मिथ ने भाग लिया। उन्होंने क्रीडा के प्रति देश की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए, युवा खिलाड़ियों को ‘सपना, प्रयास, सफलता’ की प्रेरणा दी। मोदी जी ने विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों के लिए नए प्रोत्साहन कार्यक्रमों की घोषणा की, जबकि अजय सिंह ने ‘खेल और शिक्षा’ के समन्वय पर प्रकाश डाला। जॉन स्मिथ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती क्रीडा प्रतिष्ठा की प्रशंसा की और भविष्य में सहयोग के लिए कई प्रस्ताव रखे।
मेला में मुख्यतः एथलेटिक्स, क्रिकेट, कबड्डी, जूडो और ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। एथलेटिक्स में 100 मीटर, 400 मीटर और 1500 मीटर रिले में 1200 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया। क्रिकेट के लिए 20 टीमें, कबड्डी में 15 संघ, जूडो में 8 श्रेणियाँ और ई-स्पोर्ट्स में ‘फोर्टनाइट’ तथा ‘लीग ऑफ लीजेंड्स’ के टुर्नामेंट्स आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं के दौरान, राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड भी टूटे, जिससे मेले की प्रतिस्पर्धात्मकता और बढ़ी।
कुल मिलाकर 3500 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिनमें 45% महिलाएं थीं। 2000 दर्शकों के अलावा, 500 स्वयंसेवक और 50 कोच ने मेले के सुचारू संचालन में योगदान दिया। सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से 1.2 मिलियन से अधिक दर्शकों ने ऑनलाइन कवरेज का आनंद लिया। इस डिजिटल पहुँच ने मेले की लोकप्रियता को और बढ़ाया और युवा दर्शकों को क्रीडा के प्रति जागरूक किया।
नई दिल्ली के राजकीय खेल परिसर में 5 नए स्टेडियम, 3 प्रशिक्षण केंद्र और 2 बहु-उद्देश्यीय हॉल स्थापित किए गए। स्टेडियमों की क्षमता 15,000 से अधिक है, जबकि प्रशिक्षण केंद्रों में उच्च-तकनीकी उपकरण, जिम, और पुनर्वास कक्ष उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के साथ, खेल मंत्रालय ने 2025 तक 200 नए क्रीडा क्लबों की स्थापना का लक्ष्य रखा है, ताकि स्थानीय स्तर पर क्रीडा गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
इस मेले के बाद, खेल मंत्रालय ने युवा क्रीडा विकास कार्यक्रम ‘क्रीडा भविष्य 2030’ की घोषणा की। कार्यक्रम के तहत, 10,000 से अधिक युवा प्रतिभाओं का चयन, 50 प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन और अंतरराष्ट्रीय टुर्नामेंट्स में भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, महिला क्रीडा को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष कोचिंग कैंप और प्रायोजन पैकेज भी तैयार किए गए हैं। इस पहल से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
राष्ट्रीय खेल मेले ने क्रीडाप्रेमियों को नई ऊर्जा दी, युवा प्रतिभाओं को पहचानने का मंच तैयार किया और भारत को अंतरराष्ट्रीय क्रीडा परिदृश्य में और ऊंचाई पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।