** सिंगरैनी क्षेत्र में डेटा सेंटर स्थापित करने की पहल
Naitik Chakravarti Times
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** तेलंगाना सरकार ने सिंगरैनी को तकनीकी हब में बदलने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना की घोषणा की, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और डिजिटल बुनियादी ढाँचा सुदृढ़ होगा।
** तेलंगाना सरकार ने हाल ही में सिंगरैनी क्षेत्र में कई बड़े डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना को औपचारिक रूप से घोषित किया है। यह कदम राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पारंपरिक कोयला खनन से हटाकर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में मोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। सिंगरैनी, जो अब तक कोयला उत्पादन और सम्बंधित उद्योगों के लिए जाना जाता था, अब भारत की तेज़ी से बढ़ती डेटा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक रणनीतिक स्थल बन रहा है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने बताया कि इस क्षेत्र में उपलब्ध सस्ती और निरंतर विद्युत आपूर्ति, साथ ही विकसित हुई परिवहन नेटवर्क, डेटा सेंटर के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करेंगे।
डेटा सेंटर परियोजना में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय क्लाउड सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी शामिल है, जो स्थानीय कंपनियों को क्लाउड कंप्यूटिंग, बिग डेटा एनालिटिक्स और एआई समाधान प्रदान करने में मदद करेंगे। इस पहल से न केवल सिंगरैनी के आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) को भी किफायती डिजिटल सेवाओं तक पहुंच मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के डेटा सेंटर भारत की डेटा स्वायत्तता की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे विदेशी डेटा केंद्रों पर निर्भरता कम होगी।
सिंगरैनी में डेटा सेंटर की स्थापना के साथ, तेलंगाना सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को तेज करने के लिए व्यापक नीति फ्रेमवर्क भी तैयार किया है। इसमें डेटा सुरक्षा मानकों का पालन, हरित ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देना और स्थानीय शैक्षिक संस्थानों के साथ सहयोग करके तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना शामिल है। इन उपायों से न केवल आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी, बल्कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में तेलंगाना की भूमिका भी सुदृढ़ होगी।