मंदसौर सेकेंड डिवीजन के जिला अफीम कार्यालय ने मिशन युवा रक्षा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया
Naitik Chakravarti Times
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मंदसौर में जिला अफीम कार्यालय ने युवा वर्ग को नशा-मुक्त रखने और वैध कृषि को प्रोत्साहित करने हेतु मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का संचालन किया।
मंदसौर सेकेंड डिवीजन स्थित जिला अफीम कार्यालय ने हाल ही में मिशन युवा रक्षा (Mission Yuva Raksha) के सहयोग से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और वैध कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करना था। इस पहल में जिला अफीम नियंत्रण अधिकारी, कृषि विभाग के प्रतिनिधि, स्थानीय स्कूलों एवं कॉलेजों के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभाव, अफीम खेती के वैध विकल्प, तथा रोजगार के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से, अफीम के उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नवीनतम नियमों और वैकल्पिक फसलों के लाभों पर प्रकाश डाला गया।
उपस्थित युवा वर्ग ने इस सत्र को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और कई प्रश्नों के साथ सक्रिय भागीदारी की। अफीम कार्यालय के प्रमुख ने बताया कि अफीम खेती के दुरुपयोग को रोकने के लिए युवा वर्ग को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वे ही भविष्य में इस क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक दिशा तय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मिशन युवा रक्षा के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को वैध कृषि, उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे अफीम की अवैध खेती में कमी लाने की आशा है।
कार्यक्रम के समापन में प्रतिभागियों को सूचना पुस्तिकाएँ, वैकल्पिक फसल बीज और कृषि विशेषज्ञों के संपर्क विवरण प्रदान किए गए। अधिकारी यह संकेत दे रहे हैं कि इस प्रकार की जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि मंदसौर के ग्रामीण क्षेत्रों में नशा-मुक्त वातावरण स्थापित हो और कृषि आधारित सतत विकास को प्रोत्साहन मिले।