** प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरास्पोर्ट्स में कांस्य पदक जीतने पर निरंजन मुकुंदन को बधाई दी
Naitik Chakravarti Times
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** एशियाई पैरास्पोर्ट्स में निरंजन मुकुंदन की कांस्य पदक विजयी प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री ने उनके साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए बधाई दी, और भारत की खेल भावना को उजागर किया।
** एशियाई पैरास्पोर्ट्स में भारत ने निरंजन मुकुंदन की कांस्य पदक जीतकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमताओं का परिचय दिया। मुकुंदन ने 100 मीटर स्प्रिंट (टी-38 वर्ग) में तीव्र गति और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे वह रेस के अंतिम चरण में अपने प्रतिस्पर्धियों को मात देते हुए पदक जेतने में सफल रहे। इस जीत ने न केवल भारत की कुल पदक गिनती में इजाफा किया, बल्कि देश के विकलांग खेलों के विकास में भी नई ऊर्जा का संचार किया।
प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि पर विशेष रूप से निरंजन की कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जीतें समाज में विकलांग व्यक्तियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी उजागर किया कि सरकार ने पैरास्पोर्ट्स के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार, प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार और आर्थिक समर्थन को प्राथमिकता दी है, जिससे भविष्य में और अधिक एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकें।
विकल्पिक खेलों के विकास में निरंजन की सफलता एक प्रेरक उदाहरण बन गई है। खेल मंत्रालय ने बताया कि इस जीत के बाद निरंजन को अतिरिक्त वित्तीय सहायता, उच्चस्तरीय कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए विशेष सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। साथ ही, इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और खेल संगठनों को प्रेरित किया जा रहा है, ताकि विकलांग खेलों के प्रति सामाजिक समर्थन और भी सुदृढ़ हो। निरंजन मुकुंदन की इस उपलब्धि ने भारत में पैरास्पोर्ट्स की दिशा को नई दिशा दी है और भविष्य में और अधिक सफलताएँ हासिल करने की आशा को प्रज्वलित किया है।