** प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर प्रणव सूरमा को बधाई दी
Naitik Chakravarti Times
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** प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट प्रणव सूरमा को बधाई देते हुए उनके कठिन परिश्रम, राष्ट्रीय गर्व और विशेष शारीरिक चुनौतियों को पार करने की भावना को सराहा।
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एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलीटों ने इस बार उल्लेखनीय सफलता हासिल की, जिसमें जावेलिन थ्रो (F57/58) में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रणव सूरमा का नाम प्रमुख बना। इस उपलब्धि को प्राप्त करने के लिए सूरमा ने कई वर्षों तक कठोर प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनुभव और अपने वर्ग में प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एशिया के प्रमुख विकलांग खेल मंच में भारत की कुल स्वर्ण पदकों की संख्या में इस वर्ष की जीत ने देश की समग्र रैंकिंग में भी सुधार किया, जिससे राष्ट्रीय खेल एजेंसियों और सामाजिक संगठनों का समर्थन स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सूरमा को व्यक्तिगत बधाई देते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत जीत है, बल्कि देश के सभी दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सरकार की ओर से विकलांग खेलों के लिए बुनियादी सुविधाओं, प्रशिक्षण केंद्रों और वित्तीय सहायता के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत की आगामी पारालिम्पिक तैयारी में ऐसे एथलीटों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक सफलता प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक समर्थन प्रदान किया जाएगा।
वर्तमान में, भारतीय खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय पैरालिम्पिक समिति ने एशियाई पैरा खेलों में मिली इस सफलता को आधार बनाकर, अगले बड़े अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, विशेषकर पैरालिम्पिक, के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। इस योजना में उच्चस्तरीय कोचिंग, विज्ञान-आधारित प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को प्रमुख घटकों के रूप में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रणालीगत पहलें