** प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरास्पोर्ट्स में पुरुषों की भाला-फेंक में तीनों पदक जीतने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि की प्रशंसा की
Naitik Chakravarti Times
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** एशियाई पैरास्पोर्ट्स में पुरुषों की भाला-फेंक में भारतीय एथलीटों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा, जिसे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहा।
** एशियाई पैरास्पोर्ट्स के पुरुष भाला-फेंक इवेंट में भारतीय एथलीटों ने लगातार तीनों पदक जीतकर एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। इस जीत ने भारत के पैरास्पोर्ट्स में पहले से ही स्थापित प्रगति को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। भारतीय ध्वज को स्वर्ण पदक पर लहराते देख प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को “देश के दिव्य साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक” कहा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की घोषणा की। इस जीत के पीछे कई वर्षों की कड़ी मेहनत, कोचिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार और विशेष रूप से दिव्यांग एथलीटों के लिए विकसित किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का योगदान है।
पिछले एशियाई पैरास्पोर्ट्स में भारत ने इस श्रेणी में केवल एक पदक ही जीता था, जिससे यह त्रिपदी जीत न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता बल्कि टीम की सामूहिक शक्ति को भी दर्शाती है। इस सफलता से न केवल भविष्य में पैरास्पोर्ट्स में निवेश बढ़ेगा, बल्कि युवा दिव्यांग खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार खेल विज्ञान, बायोमैकेनिक्स और पोषण में नवीनतम तकनीकों को अपनाते हुए एथलीटों के विकास के लिए निरंतर समर्थन जारी रखेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति और सुदृढ़ हो सके।
इस उपलब्धि को देखते हुए भारतीय पैरास्पोर्ट्स संघ ने भी खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कार और प्रशिक्षण सुविधाओं का वादा किया है, जिससे वे अगली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी समान या उससे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इस प्रकार, एशियाई पैरास्पोर्ट्स में पुरुष भाला-फेंक में तीनों पदक जीतना न केवल एक खेलीय मील का पत्थर है, बल्कि भारत के सामाजिक समावेशन और दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के मार्ग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।