प्रधानमंत्री ने 9/11 हमलों के पीड़ितों को याद किया, आतंकवाद से निपटने के अटूट संकल्प को दोहराया
Naitik Chakravarti Times
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प्रधानमंत्री ने 9/11 के शोकांतिका दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
आज राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शोक समारोह में प्रधानमंत्री ने 2001 में संयुक्त राज्य अमेरिका में हुए 9/11 के आतंकवादी हमलों के शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने दुनिया को आतंकवाद के खतरों के प्रति सतर्क कर दिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को उजागर किया। शहीदों की स्मृति में जलाए गए मोमबत्तियों की रोशनी में, प्रधानमंत्री ने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने अपने प्रियजनों को अचानक खो दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मानवता के मूल्यों की रक्षा के लिए सभी राष्ट्रों को मिलकर कार्य करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने भारत की सुरक्षा नीतियों में आतंकवाद विरोधी उपायों को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले दशकों में कई अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और अन्य मित्र देशों के साथ सूचना साझाकरण, सीमा सुरक्षा और आतंकवादी वित्तीय नेटवर्क को रोकना शामिल है। इस संदर्भ में, उन्होंने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता वृद्धि, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार और नयी कूटनीतिक पहलों का उल्लेख किया, जो आतंकवादी समूहों के वित्तीय स्रोतों को काटने में मददगार साबित हो रही हैं।
अंत में, प्रधानमंत्री ने सभी देशों से अपील की कि वे 9/11 जैसी भयावह घटनाओं को दोहराने से रोकने के लिए मिलकर ठोस कदम उठाएँ। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई भी स्वरूप मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, और भारत इस संघर्ष में अपने अटूट संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा। इस शोक दिवस पर, राष्ट्रीय एकता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जिससे भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।