प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने पर नितेश कुमार और तुलसीमति मुरुगेसन को बधाई दी
Naitik Chakravarti Times
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प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले नितेश कुमार और तुलसीमति मुरुगेसन को हार्दिक बधाई दी, जिससे देश की समावेशी खेल नीति को नया स्फूर्ति मिला।
प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में भारत के प्रतिनिधित्व के दौरान नितेश कुमार और तुलसीमति मुरुगेसन द्वारा प्राप्त रजत पदकों के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त की। दोनों एथलीटों ने क्रमशः 400 मीटर दौड़ और 100 मीटर बाधा दौड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरव दिलाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों से यह स्पष्ट होता है कि समावेशी खेल कार्यक्रमों के माध्यम से किसी भी परिस्थिति के बावजूद उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने एथलीटों को उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सफलता सभी विकलांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
नितेश कुमार, जो कि एक दृष्टिबाधित एथलीट हैं, ने 400 मीटर दौड़ में 49.32 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीतकर भारत के लिए गर्व की बात की। तुलसीमति मुरुगेसन, एक श्रवण बाधित खिलाड़ी, ने 100 मीटर बाधा दौड़ में 13.24 सेकंड के समय के साथ रजत पदक अर्जित किया। दोनों एथलीटों ने एशियाई पैरा खेलों के दौरान लगातार कठिन प्रशिक्षण और प्रतियोगी तैयारी के बाद यह उपलब्धि हासिल की। प्रधानमंत्री ने उनके परिवारों और कोचिंग टीम को भी बधाई देते हुए यह स्पष्ट किया कि यह सफलता एक संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
इस उपलब्धि के प्रकाश में सरकार ने समावेशी खेलों के लिए निवेश बढ़ाने और विकलांग एथलीटों के लिए प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने का वादा किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भविष्य में और अधिक एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे भारत को वैश्विक स्तर पर और अधिक मान्यता मिलेगी। इस प्रकार, नितेश कुमार और तुलसीमति मुरुगेसन की सफलता न केवल व्यक्तिगत गौरव है, बल्कि यह समावेशी खेलों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है।