गुरुवार, 5 नवंबर 2026
Englishहिन्दीਪੰਜਾਬੀ
नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स
नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयराजनीतिव्यवसायप्रौद्योगिकीखेलस्वास्थ्यशिक्षा
टॉपराष्ट्रीयराजनीतिव्यवसायप्रौद्योगिकीखेलस्वास्थ्यशिक्षा

नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स

Your News, Your Language

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क
  • पत्रकार के रूप में जुड़ें

भाषाएँ

  • English
  • हिन्दी (Hindi)
  • ਪੰਜਾਬੀ (Punjabi)

हमें फॉलो करें

Email: naitikchakravartitimes@gmail.com

Phone: +91-9453515239

© 2026 Naitik Chakravarti Times Publications. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी खुली बहस की चुनौती, भारत-अमेरिका समझौते और अडानी मामले पर जवाब मांगकर बढ़ाई सियासी हलचल
  1. होम
  2. राजनीति
राजनीति

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी खुली बहस की चुनौती, भारत-अमेरिका समझौते और अडानी मामले पर जवाब मांगकर बढ़ाई सियासी हलचल

Naitik Chakravarti TimesNaitik Chakravarti Times
•4 नवंबर 2026 को 03:44 am बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी मंच पर खुली बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, देश की आर्थिक व्यवस्था और अडानी मामले सहित कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब देते हुए संसद को बहस का उचित मंच बताया।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर आमने-सामने चर्चा होनी चाहिए।

3 नवंबर को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बहस के लिए किसी भी स्थान या मंच का चयन किया जा सकता है। उनके अनुसार, चर्चा में देश की आर्थिक व्यवस्था, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, अडानी समूह से जुड़े आरोप और विदेशी संबंधों से जुड़े राजनीतिक सवाल शामिल होने चाहिए।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के युवाओं और आम नागरिकों को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मिलने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने चर्चा के लिए खुला प्रस्ताव रखा और जनता से भी इस विषय पर अपनी राय मांगी।

इस चुनौती पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और संसद ही वह उचित मंच है, जहां वे सरकार से सवाल पूछ सकते हैं।

वित्त मंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा SIR और EVM पर विशेष संसदीय सत्र की पेशकश का भी उल्लेख किया। उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया पर चुनौती देने के बजाय संसद में बहस करें और अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करें।

इस बयानबाजी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। दोनों पक्षों के नेताओं के बीच आर्थिक नीतियों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

फिलहाल प्रधानमंत्री की ओर से इस खुली बहस की चुनौती स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।
साझा करें:
Naitik Chakravarti Times

Naitik Chakravarti Times

अनुभवी पत्रकार और लेखक

More from राजनीति

डॉ. जितेंद्र सिंह राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5 का औपचारिक शुभारंभ करेंगे
राजनीति

डॉ. जितेंद्र सिंह राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5 का औपचारिक शुभारंभ करेंगे

5 नव॰ 2026
** खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग का विशेष अभियान‑6 समाप्त
राजनीति

** खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग का विशेष अभियान‑6 समाप्त

5 नव॰ 2026
‘विकसित भारत युवा संवाद: अपना वोट जानें’ अभियान के तहत एमवाई भारत ने एक ही दिन में 100 कार्यक्रमों का आयोजन किया
राजनीति

‘विकसित भारत युवा संवाद: अपना वोट जानें’ अभियान के तहत एमवाई भारत ने एक ही दिन में 100 कार्यक्रमों का आयोजन किया

5 नव॰ 2026
**
राजनीति

**

5 नव॰ 2026
केरल विधानसभा में आयोजित पीएसी अध्यक्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन ऑडिट तंत्र को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें करता है
राजनीति

केरल विधानसभा में आयोजित पीएसी अध्यक्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन ऑडिट तंत्र को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें करता है

4 नव॰ 2026
केटीआर: जब हमारी सरकार आएगी तो हम उन भूमि को वापस ले लेंगे।
राजनीति

केटीआर: जब हमारी सरकार आएगी तो हम उन भूमि को वापस ले लेंगे।

4 नव॰ 2026