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सांसदों-विधायकों के इस्तीफे और उपचुनाव के खर्च पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
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सांसदों-विधायकों के इस्तीफे और उपचुनाव के खर्च पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

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•27 अक्टूबर 2026 को 07:41 am बजे•0 व्यूज़•1 मिनट पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल पर विचार करने पर सहमति जताई है कि स्वेच्छा से इस्तीफा देने वाले सांसदों और विधायकों से दोबारा चुनाव कराने का खर्च वसूला जाना चाहिए या नहीं। इस मामले का संबंध चुनावी जवाबदेही और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल से है।

नई दिल्ली। देश की राजनीति और चुनावी व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों और विधायकों के स्वेच्छा से इस्तीफा देने के बाद होने वाले उपचुनाव के खर्च पर विचार करने की सहमति जताई है।

27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अदालत इस सवाल की जाँच करेगी कि यदि कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने पद से इस्तीफा देता है और उसके बाद संबंधित सीट पर उपचुनाव कराया जाता है, तो क्या उससे मूल चुनाव के खर्च सहित दोबारा चुनाव कराने की लागत वसूल की जानी चाहिए।

इस मुद्दे का संबंध चुनाव कराने में लगने वाले सार्वजनिक धन और निर्वाचित प्रतिनिधियों की जवाबदेही से है। जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे के बाद कई बार संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराना पड़ता है, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर अतिरिक्त खर्च आता है।

हालाँकि, अदालत द्वारा इस विषय पर विचार करने की सहमति देना किसी नियम को लागू कर देने के समान नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय और संभावित कानूनी बदलावों की जानकारी आधिकारिक न्यायिक आदेशों से ही स्पष्ट होगी।

यह मामला भविष्य में इस्तीफे और उपचुनाव से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर चर्चा को प्रभावित कर सकता है।
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