** एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने पूर्वी वायु कमान में कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला
Naitik Chakravarti Times
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** भारतीय वायु सेना ने मेहताब सिंह देसवाल को पूर्वी वायु कमान के कमांडिंग-इन-चीफ (C-in-C) के रूप में नियुक्त किया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और संचालनात्मक तत्परता में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
** भारतीय वायु सेना ने एवीएसएम और वीएम से सम्मानित एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल को पूर्वी वायु कमान (EAC) के कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार सौंपा। पूर्वी वायु कमान, जो भारत के पूर्वी सीमाओं, विशेषकर चीन, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ सटे क्षेत्रों में रणनीतिक सुरक्षा का प्रमुख केंद्र है, इस नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहा है। एयर मार्शल देसवाल ने अपने करियर के दौरान विभिन्न प्रमुख पदों पर कार्य किया है, जिसमें हवाई संचालन, प्रशिक्षण एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन शामिल हैं, और उन्होंने कई बार राष्ट्रीय सुरक्षा के संवर्द्धन में योगदान दिया है।
एवीएसएम (एयरवॉरफ़ेयर सर्विस मेडल) और वीएम (विंटर मेडल) से सम्मानित देसवाल को अब पूर्वी वायु कमान के विस्तृत कार्यक्षेत्र में, हवाई रक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा प्रबंधन, तथा उन्नत एयरोस्पेस तकनीकों के एकीकरण को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी मिली है। उनका मानना है कि तेज़ी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में, EAC को सतत प्रशिक्षण, आधुनिकरण और अंतर-सेवा सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है। इस संदर्भ में, वे भारतीय वायु सेना के मौजूदा विमानन प्लेटफ़ॉर्म, जैसे कि राफेल, सुकॉई और भविष्य के स्टेल्थ विमानों के तैनाती को तेज़ करने तथा इंडियन एयरोस्पेस उद्योग के साथ सहयोग को गहरा करने की योजना बना रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में पूर्वी सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ, EAC ने कई सामरिक अभ्यास और संयुक्त संचालन आयोजित किए हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान मिला है। एयर मार्शल देसवाल के नेतृत्व में, कमान ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक परिष्कृत करने, नई तकनीकी क्षमताओं को अपनाने, तथा सुदूर क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को तेज़ करने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका व्यापक अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण EAC को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति दोनों को मजबूती मिलेगी।