** चार देशों के दूतों ने भारत के राष्ट्रपति को अपना परिचय‑पत्र सौंपा
Naitik Chakravarti Times
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** भारत के राष्ट्रपति ने हाल ही में चार विदेशियों के राजनयिक प्रतिनिधियों से उनके परिचय‑पत्र प्राप्त किए, जिससे भारत‑विदेशी संबंधों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
** राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह में चार देशों के दूतों ने भारत के राष्ट्रपति को अपने‑अपने परिचय‑पत्र सौंपे। उपस्थित दूतों ने क्रमशः संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधित्व किया, जो इस वर्ष के विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर भारत के साथ सहयोग को सुदृढ़ करने के इच्छुक हैं। परिचय‑पत्र सौंपने की यह परम्परा भारत की लोकतांत्रिक और बहुसांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में विदेशियों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है, जिससे दोनों पक्षों के बीच राजनयिक संवाद को औपचारिक रूप मिलता है।
राष्ट्रपति ने दूतों को स्वागत भाषण में भारत की विदेश नीति के प्रमुख स्तंभों—समानता, पारस्परिक सम्मान और सतत विकास—पर प्रकाश डाला और कहा कि नई सरकार इन देशों के साथ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए तत्पर है। दूतों ने भी अपने‑अपने देशों के भारत के साथ व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की, साथ ही जलवायु परिवर्तन और समुद्री सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेष रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका के दूत ने भारत के नवोन्मेषी स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को उजागर किया और दोनों देशों के बीच उच्च तकनीकी सहयोग को विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा। फ्रांस के दूत ने सांस्कृतिक विनिमय और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ाने के लिए नई पहलें पेश कीं, जबकि जर्मनी के प्रतिनिधि ने ऊर्जा संक्रमण के क्षेत्र में साझेदारी को सुदृढ़ करने की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के दूत ने समुद्री सुरक्षा और जलवायु विज्ञान में सहयोग को प्राथमिकता देने का संकेत दिया। इस प्रकार, परिचय‑पत्र समारोह ने न केवल राजनयिक शिष्टाचार को साकार किया, बल्कि भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय सहयोग के लिए आधारशिला रखी।