बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा
Naitik Chakravarti Times
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने वाराणसी में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों का व्यापक मूल्यांकन किया, जिसमें कार्यक्रम के लक्ष्यों, प्रगति और आगामी चरणों पर चर्चा हुई।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रमुखों ने वाराणसी के प्रमुख सम्मेलन केंद्र में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों का विस्तृत पुनरावलोकन किया गया। यह वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव, जिसका उद्देश्य तमिल संस्कृति और वाराणसी की धार्मिक व ऐतिहासिक विरासत को जोड़ना है, 2026 में अपने पाँचवें संस्करण के लिए तैयारियाँ चल रही हैं। बैठक में विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष, छात्र परिषद के अध्यक्ष, सांस्कृतिक विभाग के प्रमुख तथा कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शामिल थे।
मूल्यांकन के दौरान, प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के मुख्य घटकों—संगीत, नृत्य, साहित्य, चित्रकला, और व्यंजनों—पर प्रगति का आकलन किया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि तमिल भाषा की कार्यशालाएँ, पारंपरिक नाट्य प्रस्तुतियाँ और पठन सत्रों के लिए उपयुक्त स्थल सुरक्षित कर लिए गए हैं। इसके अलावा, स्थानीय कलाकारों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी कर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है, जिससे कार्यक्रम की पहुँच और विविधता बढ़ेगी।
हालांकि, बैठक में कुछ चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला गया। वित्तीय संसाधनों की सीमाएँ, आपूर्ति श्रृंखला में विलंब, और प्रतिभागियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल पर चर्चा हुई। इसके समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने प्रायोजन पैकेजों को मजबूत करने और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से कार्यक्रम को ऑनलाइन प्रसारित करने की योजना बनाई है। बैठक के समापन पर, आयोजकों ने काशी तमिल संगमम 5.0 को एक बहु-सांस्कृतिक संवाद के रूप में प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे वाराणसी की सांस्कृतिक समृद्धि में तमिल परंपरा का योगदान बढ़ेगा।