केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित किया
Naitik Chakravarti Times
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केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में देश के खेल विकास, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्रीय भाषा के प्रचार-प्रसार के महत्व पर प्रकाश डाला।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की नियमित बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि खेल और युवा विकास को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए हिंदी को प्रमुख माध्यम बनाना अनिवार्य है, जिससे न केवल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भाषा के माध्यम से सामाजिक समावेशिता भी सुदृढ़ होगी। मंत्री ने उल्लेख किया कि मंत्रालय ने पिछले कुछ वर्षों में कई पहलें शुरू की हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान, स्कूल‑स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार, तथा युवा उद्यमियों के लिए विशेष अनुदान कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों को प्रभावी बनाने के लिए हिंदी में विस्तृत नीतिगत दस्तावेज़, प्रशिक्षण सामग्री और प्रचार‑प्रसार सामग्री तैयार की जा रही है, जिससे सभी हितधारकों को समान जानकारी उपलब्ध हो सके।
बैठक में समिति के सदस्यों ने विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की, जिसमें राष्ट्रीय खेल अकादमी में हिंदी माध्यम से प्रशिक्षण मॉड्यूल का परिचय, युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए खेल‑आधारित स्टार्ट‑अप इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के निर्माण के लिए विशेष बजट आवंटन शामिल था। समिति ने इन प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए अगले चरण में कार्यान्वयन की रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया। डॉ. मांडविया ने सभी सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि मंत्रालय आगे भी हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में सुदृढ़ करने के साथ-साथ खेल और युवा विकास के क्षेत्र में पारदर्शी एवं समावेशी नीतियों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।