** केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देश में कृषि क्षेत्र की स्थिति की समग्र समीक्षा, किसानों को समय पर हरसंभव मदद के दिए निर्देश
Naitik Chakravarti Times
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** कृषि मंत्रालय ने देश के विभिन्न प्रदेशों में कृषि स्थितियों का व्यापक सर्वेक्षण किया और किसानों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए विशिष्ट कदमों का आदेश दिया।
** केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि मंत्रालय द्वारा संचालित एक विस्तृत सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप देश में कृषि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की समग्र समीक्षा प्रस्तुत की। इस समीक्षा में जल संसाधन, फसल उत्पादन, बाजार पहुँच, एवं फसल बीमा जैसे प्रमुख पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण किया गया। मंत्रालय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में मौसमी असंतुलन, जल की कमी और इनपुट लागत में वृद्धि के कारण कई क्षेत्रों में फसल उत्पादन में गिरावट देखी गई है, जबकि कुछ जलसंचित क्षेत्रों में उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है। इन आंकड़ों के आधार पर, सरकार ने विभिन्न राज्यों के कृषि विभागों को विशेष रिपोर्टें तैयार करने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार नीतियों को समायोजित करने का निर्देश दिया।
परिणामस्वरूप, मंत्री ने किसानों को समय पर हरसंभव मदद प्रदान करने के लिए कई त्वरित उपायों का आदेश दिया। इनमें फसल बीमा के कवरेज को विस्तारित करना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को उचित स्तर पर बनाए रखना, तथा छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए सस्ती कृषि ऋण सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, जलसंधारण और सूखा प्रबंधन के लिए नई इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करने, डिजिटल कृषि प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से बाजार सूचना का प्रसार, तथा कृषि तकनीकी प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर बल दिया गया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर विशेष सहायता पैकेज तैयार किए जाएंगे, जिससे उत्पादन‑आधारित मूल्य श्रृंखलाओं को सुदृढ़ किया जा सके और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो।
इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है, जिसमें कृषि मंत्रालय, राज्य कृषि विभाग, तथा संबंधित वित्तीय संस्थाएँ शामिल होंगी। समिति को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और आवश्यकतानुसार नीति में सुधार करने का दायित्व सौंपा गया है। इस पहल से कृषि क्षेत्र में स्थिरता और किसानों के जीवन स्तर में सुधार की आशा जताई जा रही है।