** प्रधानमंत्री ने ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (जीएसएमए) के बोर्ड के प्रतिनिधियों से एक महत्वपूर्ण संवाद किया, जिसमें भारत की टेलीकॉम नीति और वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में भूमिका पर गहराई से चर्चा हुई। जीएसएमए, जो विश्वभर के मोबाइल ऑपरेटरों, उपकरण निर्माताओं और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं का समन्वय करता है, डिजिटल साक्षरता, डेटा सुरक्षा और नेटवर्क अवसंरचना के क्षेत्र में मानक निर्धारण में प्रमुख भूमिका निभाता है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत की 5G परिनियोजन योजना पर प्रकाश डाला, जिसमें उच्च गति नेटवर्क के विस्तार, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कवरेज बढ़ाने के प्रयास, तथा राष्ट्रीय डेटा संरक्षण ढांचे के तहत उपभोक्ता सुरक्षा पर बल दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार जीएसएमए के साथ मिलकर वैश्विक 5G मानकों को आकार देने में सक्रिय योगदान देने का लक्ष्य रखती है, जिससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने डिजिटल समावेशन के महत्व पर जोर दिया, जिसमें स्मार्ट सिटी, ई-हेल्थ, और ई-एडुकेशन जैसी पहलें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के तहत चल रहे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत लाखों नागरिकों को इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियाँ लागू की जाएंगी। बैठक के अंत में, दोनों पक्षों ने सहयोग के नए ढांचे पर सहमति जताई, जिससे भारत के टेलीकॉम सेक्टर की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता में और वृद्धि होगी।