** खनन मंत्रियों का चौथा दो‑दिवसीय सम्मेलन गोवा में आयोजित
Naitik Chakravarti Times
••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
** भारत के खनन क्षेत्र की दिशा तय करने हेतु खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन आगामी दो दिवसीय कार्यक्रम में गोवा में संपन्न होगा, जिसमें सतत् खनन, तकनीकी नवाचार और निवेश आकर्षण प्रमुख एजेंडा बनेंगे।
** राष्ट्रीय खनन नीति के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने और उद्योग‑सरकार के संवाद को गहन करने के उद्देश्य से खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन जल्द ही गोवा में आयोजित किया जाएगा। इस दो‑दिवसीय मंच में भारत के केंद्रीय तथा राज्य स्तर के खनन मंत्री, साथ ही प्रमुख उद्योग प्रतिनिधि, पर्यावरण विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग लेंगे। पिछले तीन सम्मेलनों में जलवायु‑सुरक्षित खनन, डिजिटल तकनीकों का समावेश और छोटे एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को समर्थन देने के लिए कई नीति‑निर्धारण कदम उठाए गए थे; इस बार इन पहलों को कार्यान्वयन के चरण में ले जाने की दिशा में विस्तृत चर्चा होगी।
सम्मेलन के मुख्य एजेंडा में सतत् खनन प्रथाओं को अपनाना, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और खनन‑पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन को सुदृढ़ करना शामिल है। साथ ही, भारत में खनन निवेश को आकर्षित करने हेतु नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म द्वारा लाइसेंसिंग प्रक्रिया को तेज़ करना और नवाचार‑आधारित तकनीकों जैसे स्वचालित ड्रिलिंग, ड्रोन‑सहायता निगरानी और डेटा‑एनालिटिक्स को अपनाना भी प्रमुख चर्चा का विषय रहेगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से भारत की खनन नीति को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजक समिति ने बताया कि सम्मेलन के दौरान कार्यशालाएँ, पैनल चर्चाएँ और बेस्ट‑प्रैक्टिस सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे नीति‑निर्माताओं को व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इस मंच से निकले प्रस्तावों को सरकार द्वारा शीघ्र ही समीक्षा कर, राष्ट्रीय खनन नीति में आवश्यक संशोधन के रूप में लागू किया जाएगा, जिससे उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक