भारतीय नौसेना पोत त्रिशूल ने भारत‑फ्रांस द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास वरुण के 24वें संस्करण में भाग लिया
Naitik Chakravarti Times
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भारतीय नौसेना के पोत त्रिशूल ने फ्रांस के साथ मिलकर आयोजित समुद्री अभ्यास “वरुण” के 24वें संस्करण में हिस्सा लिया, जिससे दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और संयुक्त सुरक्षा क्षमताओं को नई दिशा मिली।
भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास “वरुण” के 24वें संस्करण में भारतीय नौसेना का पोत त्रिशूल प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह अभ्यास, जिसे दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी के तहत हर वर्ष आयोजित किया जाता है, दक्षिण‑पश्चिमी हिंद महासागर और आसपास के जलक्षेत्र में हुआ। त्रिशूल ने फ्रांसीसी नौसेना के साथ मिलकर जटिल समुद्री संचालन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संयुक्त टैक्टिकल ड्रिल्स में भाग लिया, जिससे दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और सामरिक समझ को बढ़ावा मिला।
इस वर्ष के अभ्यास में विशेष रूप से एंटी‑सबमरीन डिटेक्शन, संयुक्त पनडुब्बी और सतह युद्ध, तथा समुद्री आपातकालीन बचाव पर जोर दिया गया। त्रिशूल ने फ्रांसीसी पोतों के साथ मिलकर समन्वित टैक्टिकल अभ्यासों का संचालन किया, जिससे दोनों देशों की समुद्री रक्षात्मक क्षमताओं में सुधार हुआ। अभ्यास के दौरान समुद्री गश्त, खुफ़िया साझा करने और संयुक्त समुद्री मानचित्रण कार्य भी शामिल थे, जो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में पारदर्शिता और विश्वास को बढ़ाने में सहायक रहे।
दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अभ्यास की सफलता पर प्रकाश डाला। भारतीय नौसेना के प्रमुख ने कहा कि “वरुण” जैसे अभ्यास भारत के समुद्री सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ फ्रांस के साथ गहरी रणनीतिक साझेदारी को भी सुदृढ़ करते हैं। फ्रांसीसी नौसेना के प्रतिनिधि ने भी बताया कि यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। भविष्य में, दोनों देश समुद्री क्षेत्र में पारस्परिक हितों की रक्षा के लिए और अधिक संयुक्त अभ्यासों का आयोजन करने की योजना बना रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को मजबूती मिलेगी।