भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम वैश्विक भागीदारी और निवेश के मजबूत आकर्षण का केंद्र बन रहा है
Naitik Chakravarti Times
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भारत की सेमीकंडक्टर उद्योग में सरकारी समर्थन, तकनीकी सहयोग और विदेशी निवेश के संगम ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख हब के रूप में स्थापित किया है, जैसा कि श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया।
भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम ने हाल के वर्षों में तेज़ी से विकास किया है, जिससे यह वैश्विक कंपनियों और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। सरकार द्वारा लागू किए गए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना, विशेष आर्थिक ज़ोन, और अनुसंधान एवं विकास के लिए फंडिंग ने घरेलू निर्माताओं को तकनीकी उन्नति और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद की है। इस नीति माहौल ने अंतरराष्ट्रीय चिप निर्माताओं को भारत में उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में विविधता और जोखिम कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
श्री अश्विनी वैष्णव, जो इस क्षेत्र के प्रमुख रणनीतिक सलाहकारों में से एक हैं, ने कहा कि भारत अब केवल एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक सक्रिय निर्माता और नवाचार केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई कंपनियों के साथ सहयोग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसमें डिजाइन, वैफ़र निर्माण और पैकेजिंग तकनीकों में साझेदारी शामिल है। टाइसन, इंटेल और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियों ने भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय साझेदारियों को प्राथमिकता दी है, जबकि ताइवान की प्रमुख फाउंड्री टेस्ला जैसी नई कंपनियों ने भारत में उत्पादन सुविधाओं की योजना बनाई है।
इन विकासों के साथ ही, भारत ने शैक्षिक संस्थानों और स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को भी सुदृढ़ किया है, जिससे कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किए गए चिप डिज़ाइन सेंटर्स और अनुसंधान प्रयोगशालाओं ने नवाचार को तेज़ किया है, जबकि निजी निवेशकों ने एआई‑संचालित डिजाइन और उन्नत सामग्री विज्ञान में फंडिंग बढ़ाई है। इस समग्र प्रगति ने न केवल घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उद्योग को सशक्त किया है, बल्कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित किया है, जिससे भविष्य में निर्यात और तकनीकी आत्मनिर्भरता दोनों में महत्वपूर्ण लाभ की उम्मीद की जा रही है।