सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का समापन किया
Naitik Chakravarti Times
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देशव्यापी स्वच्छता एवं जागरूकता पहल के साथ समाप्त हुए ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान ने छोटे व्यवसायियों को स्वच्छता मानकों के साथ जोड़ते हुए सामाजिक जिम्मेदारी को नया आयाम दिया।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय ने आज ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का औपचारिक समापन किया, जिसमें देश के विभिन्न कोनों में छोटे व मध्यम उद्यमियों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जागरूकता के महत्व से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। इस पहल की शुरुआत दो वर्षों पहले हुई थी, जब मंत्रालय ने स्वच्छता को व्यावसायिक सततता का अभिन्न अंग मानते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार की। योजना के तहत कार्यशालाओं, डिजिटल प्रशिक्षण मॉड्यूल और सामुदायिक सफाई अभियानों को संयोजित किया गया, जिससे उद्यमियों को न केवल स्वच्छता के तकनीकी पहलुओं की जानकारी मिली, बल्कि उन्हें अपने कार्यस्थलों में स्वच्छता उपाय लागू करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी प्रदान किया गया।
अभियान के दौरान, विभिन्न राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और स्वच्छता संगठनों के सहयोग से हजारों छोटे व्यवसायियों को प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, हाइजीन मानकों और ग्रीन टेक्नोलॉजी के उपयोग में सुधार करने के लिए व्यावहारिक समाधान अपनाए। कई उद्यमियों ने बताया कि स्वच्छता उपायों को अपनाने से न केवल कार्यस्थल की कार्यक्षमता बढ़ी, बल्कि ग्राहकों का विश्वास भी मजबूत हुआ। मंत्रालय ने इस सफलता को मान्यता देते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में MSME क्षेत्र में स्वच्छता मानकों को अनिवार्य बनाने की संभावनाओं की ओर इशारा किया।
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ का समापन न केवल एक अभियान की समाप्ति को दर्शाता है, बल्कि भारत में MSME क्षेत्र के लिए स्वच्छता को स्थायी विकास का मूलभूत स्तंभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय ने भविष्य में इस प्रकार के एकीकृत अभियानों को दोहराने का आश्वासन दिया, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों का विकास पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ तालमेल बिठा सके।