** श्री दिनेश वी. गणवीर ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक के रूप में पदभार संभाला; खनिज सुरक्षा, वैज्ञानिक उत्कृष्टता और तकनीकी उन्नति पर ध्यान केंद्रित करने की प्रतिबद्धता दोहराई
Naitik Chakravarti Times
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** भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (IGS) के 55वें महानिदेशक के रूप में नियुक्त दिनेश वी. गणवीर ने खनिज सुरक्षा, अनुसंधान की गुणवत्ता और डिजिटल तकनीकों के उपयोग को प्रमुखता देने का संकल्प व्यक्त किया।
** भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (IGS) ने आज अपने 55वें महानिदेशक के रूप में डॉ. दिनेश वी. गणवीर को नियुक्त किया, जो पहले राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक परियोजनाओं में प्रमुख वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक भूमिकाएँ निभा चुके हैं। उनका कार्यकाल भारत की बढ़ती खनिज आवश्यकता, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और सतत विकास के लक्ष्यों के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू होगा। गणवीर ने शपथ लेते ही कहा कि वे IGS को “खनिज सुरक्षा” के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हुए, राष्ट्रीय रणनीतिक खनिज भंडार की सटीक मानचित्रण और संरक्षण पर विशेष ध्यान देंगे। यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के साथ-साथ विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में सहायक होगी।
साथ ही, गणवीर ने वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए नई शोध पहल और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को तेज करने का इरादा जताया। उन्होंने IGS के मौजूदा शोध नेटवर्क को विस्तारित करने, युवा वैज्ञानिकों को प्रायोगिक अवसर प्रदान करने और उच्च-प्रभावी प्रकाशनों को प्रोत्साहित करने के लिए एक विस्तृत योजना प्रस्तुत की। तकनीकी उन्नति के संदर्भ में, उन्होंने डिजिटल मैपिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता‑आधारित डेटा विश्लेषण और रिमोट सेंसिंग तकनीकों को सर्वेक्षण कार्य में एकीकृत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इन उपायों से न केवल डेटा की सटीकता में सुधार होगा, बल्कि कार्यकुशलता और लागत में भी कमी आएगी।
अंत में, गणवीर ने IGS के कर्मचारियों को “परिवर्तन के इस चरण में सहयोगी और नवाचार‑उन्मुख” बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के मिशन को सफल बनाने के लिए सरकारी निकायों, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक है। उनका दृष्टिकोण राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक नीतियों को भविष्य‑सुरक्षित बनाते हुए, भारत को विश्व स्तर पर भूवैज्ञानिक अनुसंधान और खनिज प्रबंधन में अग्रणी बनाना है।