** रचनात्मक जन-जागरूकता गतिविधियों और पक्षी प्रवास के साथ राष्ट्रीय प्राणी उद्यान का 67वाँ स्थापना दिवस मनाया गया
Naitik Chakravarti Times
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** राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने अपने 67वें स्थापना दिवस पर पर्यावरण शिक्षा, संरक्षण जागरूकता और प्रवासी पक्षियों के विशेष अवलोकन कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को प्रकृति के निकट लाने का लक्ष्य रखा।
** राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने इस वर्ष अपने 67वें स्थापना दिवस को बड़े उत्साह और विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया। उद्यान के प्रबंधन ने इस अवसर को पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने और जैव विविधता के संरक्षण के महत्व को उजागर करने के लिए एक मंच के रूप में उपयोग किया। समारोह की शुरुआत उद्यान के निदेशक द्वारा उद्घाटन भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने उद्यान की स्थापना के इतिहास, संरक्षण के प्रयास और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद, विभिन्न शैक्षणिक कार्यशालाओं, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और बच्चों के लिए विशेष कला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जहाँ प्रतिभागियों ने पशु संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत पर्यटन के विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं।
उद्यान ने इस अवसर पर विशेष रूप से प्रवासी पक्षियों के आगमन को दर्शाने वाले एक बर्डवॉचिंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया। इस सत्र में पक्षी विशेषज्ञों ने आगंतुकों को विभिन्न प्रजातियों की पहचान, उनके प्रवास मार्ग और संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। प्रवासी पक्षियों की विविधता को देखते हुए, उद्यान ने एक अस्थायी दर्शनीय मंच स्थापित किया, जहाँ दर्शक बिनाबाधा इन पक्षियों को नजदीकी दूरी से देख सकते थे। इस पहल से न केवल पक्षी प्रेमियों को आकर्षित किया गया, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी प्राकृतिक आवासों के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाया गया।
उद्यान के प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष के स्थापना दिवस पर आयोजित सभी गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य जनता को प्रकृति के साथ जुड़ाव बढ़ाना और संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है। भविष्य में उद्यान और अधिक शैक्षिक कार्यक्रम, अनुसंधान सहयोग और सतत पर्यटन पहलें लेकर आने की योजना बना रहा है, जिससे यह राष्ट्रीय स्तर पर जैव विविधता संरक्षण के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ कर सके।