नई खेल नीति 2024: बुनियादी ढाँचा, एशियन गेम्स तैयारी और निजी निवेश के साथ खेल विकास की दिशा
Naitik Chakravarti Times
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भारत ने राष्ट्रीय खेल नीति 2024 लागू की, जिससे खेल बुनियादी ढाँचा, एशियन गेम्स 2026 की तैयारी और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिल रहा है। इस नीति से युवा प्रतिभा को पोषित करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को मजबूत करने का लक्ष्य है।
भारत ने हाल ही में राष्ट्रीय खेल नीति 2024 को लागू किया है, जिसका उद्देश्य खेल बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना, युवा प्रतिभा को पोषित करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति को सुधारना है। इस नीति के तहत अगले दो वर्षों में 10,000 नई खेल सुविधाएँ निर्मित होंगी, 5,000 कोचों को प्रमाणन प्राप्त होगा और 1.2 करोड़ रुपये की निधि से खेल विज्ञान अनुसंधान को समर्थन मिलेगा। नीति के प्रमुख बिंदुओं में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल पहुँच बढ़ाना, महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष कोचिंग कार्यक्रम शुरू करना और निजी साथही क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करना शामिल है।
नई खेल नीति के तहत भारत ने एशियन गेम्स 2026 के लिए एक विस्तृत तैयारी योजना तैयार की है। इस योजना में 2025 तक 2,500 कोचों को उन्नत प्रशिक्षण देना, 150 हाई‑परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित करना और 12,000 एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भेजना शामिल है। सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 3,500 करोड़ रुपये की विशेष निधि आवंटित की है, जिससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएँ और वैज्ञानिक समर्थन मिल सके।
राष्ट्रीय स्तर पर खेल संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकारें 2024‑2025 शैक्षणिक वर्ष में 20,000 स्कूलों में अनिवार्य खेल पाठ्यक्रम लागू कर रही हैं। प्रत्येक स्कूल को कम से कम दो बहु‑खेल मैदान, एक जिमनैज़ियम और एक डिजिटल प्रशिक्षण कक्ष प्रदान किया जाएगा। इस पहल के परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में युवा प्रतिभा की पहचान में 35 % की वृद्धि की उम्मीद है, जिससे भविष्य में राष्ट्रीय टीमों में विविधता बढ़ेगी।
निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार ने 2024 में 'स्पोर्ट्स फ़ंड' नामक एक सार्वजनिक‑निजी साझेदारी मॉडल लॉन्च किया। इस मॉडल के तहत कंपनियों को 5 % तक की कर छूट दी जाएगी, यदि वे सीधे खेल संस्थानों या एथलीटों को 10 % से अधिक की निवेश राशि प्रदान करें। अब तक 12 प्रमुख कंपनियों ने कुल 800 करोड़ रुपये का समर्थन दिया है, जिससे प्रशिक्षण सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज कार्यक्रमों का विस्तार संभव हुआ है।
पिछले दो ओलंपिक (2020, 2024) में भारत ने कुल 28 पदक प्राप्त किए, जिसमें 12 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य शामिल हैं। यह परिणाम राष्ट्रीय खेल नीति के कार्यान्वयन से पहले के 2016 के 8 पदकों से तीन गुना अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर वैज्ञानिक प्रशिक्षण, बेहतर पोषण और मनोवैज्ञानिक समर्थन के संयोजन से 2028 तक पदक संख्या में 50 % की वृद्धि संभव होगी।
समग्र रूप से, नई खेल नीति, बुनियादी ढाँचा विकास, निजी निवेश और वैज्ञानिक समर्थन के समन्वित प्रयास भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाते हुए दीर्घकालिक सफलता की राह पर ले जा रहे हैं।