** वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए 20वें रोजगार मेले में प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ
Naitik Chakravarti Times
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** प्रधानमंत्री ने 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले के उद्घाटन समारोह में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के लिए नई नीतियों एवं योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
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देश के प्रमुख रोजगार मेले, जो इस वर्ष अपना 20वां संस्करण मनाने जा रहा है, का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से किया। इस मेले का आयोजन विभिन्न राज्य सरकारों, उद्योग संघों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना, कौशल प्रशिक्षण को सुदृढ़ करना और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। महामारी के बाद पहली बार इस मेले को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में आयोजित किया गया, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभागी भी बिना यात्रा के इस मंच का लाभ उठा सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की आर्थिक पुनरुत्थान की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को रेखांकित किया और विशेष रूप से रोजगार सृजन के लिए नई नीतियों का उल्लेख किया। उनका मूल पाठ इस प्रकार था:
> “मेरे प्यारे युवा साथियों, आज हम यहाँ 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले के माध्यम से आपके सपनों को साकार करने का संकल्प ले रहे हैं। सरकार ने 'स्किल इंडिया 2030' पहल को तेज़ी से लागू किया है, जिससे हर युवा को कम से कम दो व्यावसायिक कौशल प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। हम नई 'स्टार्टअप इकोसिस्टम' योजना के तहत 5 लाख नई स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और मेंटरशिप प्रदान करेंगे, तथा 'रोज़गार गारंटी' स्कीम के तहत 1 करोड़ युवा को अगले दो वर्षों में स्थायी रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में, केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उद्योगों के साथ तालमेल बढ़ाएंगी, जिससे रोजगार के अवसरों को वास्तविकता में बदला जा सके। आपका उत्साह, आपकी मेहनत और आपका नवाचार ही भारत को विश्व आर्थिक मंच पर नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।”
संबोधन के बाद मेले में भाग लेने वाले उद्योग प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों ने इस पहल की सराहना की, और कहा कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से अधिक युवा वर्ग तक पहुँच संभव हो पाई है। सरकार ने कहा कि आगामी महीनों में मेले के परिणामों के आधार पर नीतियों में आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जिससे रोजगार सृजन की गति और अधिक तेज़ होगी। यह पहल न केवल वर्तमान बेरोज़गारी को घटाने में मदद करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अग्रणी बनाएगी।