प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन 2026' का उद्घाटन किया
Naitik Chakravarti Times
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नई दिल्ली में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवाचार के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला तथा युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया।
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र में आज 'उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन 2026' का औपचारिक उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक नवाचार परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास को तेज़ गति से बढ़ावा देना अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं को अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा और उद्यमशीलता की भावना विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया।
सम्मेलन का मुख्य विषय “सतत विकास और डिजिटल परिवर्तन” है, जिसके तहत विश्व के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता और उद्योगपति एक साथ आएंगे। इस वर्ष के कार्यक्रम में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया है, जिनमें से कई ने भारत के स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग की योजनाएँ प्रस्तुत की हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से भारत के नयी ऊर्जा, बायोटेक्नोलॉजी और एआई क्षेत्र में की गई प्रगति पर गौर किया और यह भी रेखांकित किया कि सरकार इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए नई नीतियाँ लागू कर रही है।
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने एक नई पहल के तहत ‘नवाचार स्काउटिंग प्रोग्राम’ की घोषणा की, जिसका उद्देश्य युवा वैज्ञानिकों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाना और उन्हें फंडिंग व मेंटरशिप के अवसर प्रदान करना है। इसके अलावा, उन्होंने ‘स्मॉल एंड मिडियम एंटरप्राइजेज फॉर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी’ (SME‑IP) पहल को भी बढ़ावा देने का वादा किया, जिससे भारतीय स्टार्ट‑अप्स को पेटेंटिंग और लाइसेंसिंग में सहायता मिलेगी। सम्मेलन के दौरान कई पैनल चर्चाएँ, कार्यशालाएँ और डेमो-डेज़ आयोजित किये जाने की योजना है, जिनमें नई तकनीकों और शोध निष्कर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के उद्घाटन भाषण ने यह स्पष्ट किया कि भारत का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र न केवल घरेलू विकास के लिए, बल्कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस सम्मेलन के माध्यम से भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी नवाचार क्षमताओं को और भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।