प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026' का उद्घाटन किया
Naitik Chakravarti Times
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026 का उद्घाटन करते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
नई दिल्ली के रैडिसन होटल में आज आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अतिथि सूची में विश्व के प्रमुख ऊर्जा विशेषज्ञों, उद्योगपतियों और बहुपक्षीय संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाया। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को तेज करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक मंच तैयार करना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम भारत की राष्ट्रीय ऊर्जा नीति के अनुरूप है, जिसमें 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य है।
शिखर सम्मेलन के दौरान, भारत सरकार ने नई पहलें घोषित की हैं, जिनमें सौर ऊर्जा के लिए 100 GW तक का प्रोत्साहन, पवन ऊर्जा के लिए 150 GW तक का लक्ष्य, और जलविद्युत तथा बायोमास परियोजनाओं के लिए नई नीति ढांचे का समावेश शामिल है। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के साथ सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला, और बताया कि भारत की 'सोलर इंडिया' पहल ने पहले ही 40 GW से अधिक स्थापित क्षमता हासिल कर ली है।
उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि शिखर सम्मेलन के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट‑अप्स और अनुसंधान संस्थानों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगा। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदर्शनी में नई तकनीकें, ऊर्जा भंडारण समाधान और स्मार्ट ग्रिड सिस्टम के नवीनतम मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों को भारत के ऊर्जा परिदृश्य में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जा सके।