प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के अवसर पर माँ कूष्मांडा की पूजा‑अर्चना की
Naitik Chakravarti Times
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प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के पावन अवसर पर देश के एक प्रमुख कूष्मांडा मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिससे इस देवी के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया गया।
नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के एक प्रमुख कूष्मांडा मंदिर में विशेष पूजा‑अर्चना की। इस समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर, देवी माँ कूष्मांडा को अर्पित किया और श्रद्धालुओं के बीच एकत्रित श्रद्धा एवं उमंग को सराहा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कूष्मांडा, जो सृष्टि की रचना को स्वयं करने वाली मां के रूप में जानी जाती है, भारतीय संस्कृति में शक्ति, साहस और सृजनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर को महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ जोड़ा, यह संकेत देते हुए कि राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका अटल है।
मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई सामाजिक कार्यकर्ता और धार्मिक नेताओं ने भी इस अवसर को महत्व दिया। इस कार्यक्रम में कूष्मांडा के नव रूपों में से एक, विशेषकर 'कुश्मांडा शक्ति' का उल्लेख किया गया, जो नवरात्रि के नौवें दिन को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सभी धर्म‑संस्कृति के पर्वों को समान सम्मान देती है और विभिन्न धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए विशेष योजनाएँ लागू कर रही है।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने न केवल कूष्मांडा की आध्यात्मिक महत्ता को उजागर किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विविध धार्मिक परम्पराओं के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। इस प्रकार, नवरात्रि के इस पावन माहौल में, प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक विविधता एवं सामाजिक समरसता के संदेश को सुदृढ़ करने का प्रयास किया, जिससे जनता में उत्सव की भावना और राष्ट्रीय एकजुटता का पुनःजागरण हुआ।