** प्रधानमंत्री ने भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) कर्मियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी
Naitik Chakravarti Times
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** प्रधानमंत्री ने भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस के स्थापना दिवस पर उनके बलिदान और समर्पण को सराहते हुए बधाई संदेश दिया, तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उनकी अनवरत सेवा को सुदृढ़ करने के संकल्प की पुष्टि की।
** भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने आज अपने स्थापना दिवस का समारोह बड़े उत्साह के साथ मनाया, जिसमें प्रधान मंत्री ने विशेष रूप से इस अवसर पर सेना के जवानों को बधाई संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सीमा सुरक्षा में आईटीबीपी का योगदान अटल और अटूट है, और उन्होंने कर्मियों के शौर्य, अनुशासन और प्रतिबद्धता को सराहते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तंभ हैं। उन्होंने सभी आईटीबीपी कर्मियों को उनके कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान के लिए धन्यवाद किया और यह आश्वासन दिया कि सरकार उनके कल्याण, प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
आईटीबीपी की स्थापना के बाद से यह बल भारत‑तिब्बत सीमा के साथ-साथ विभिन्न राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, उच्च शिखर और अत्यधिक ठंड में कार्य करने वाले इस बल ने न केवल सीमा सुरक्षा बल्कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में भी अग्रणी योगदान दिया है। हाल ही में, आईटीबीपी ने कई उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सफलतापूर्वक पहाड़ी सेना के साथ मिलकर कूटनीतिक तटस्थता बनाए रखी और नागरिकों को राहत प्रदान की। सरकार ने उनके प्रशिक्षण में नई तकनीकों का समावेश, उच्च क्षमतावान ड्रोन और सटीक निगरानी प्रणालियों को शामिल करने की योजना घोषित की है, जिससे भविष्य में अधिक प्रभावी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री ने सभी आईटीबीपी कर्मियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वाह निष्ठा और साहस के साथ जारी रखें, तथा राष्ट्र की सुरक्षा में अपने योगदान को और अधिक दृढ़ बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कदम उठाएगी, जिससे उनका जीवन स्तर सुधार सके। इस संदेश ने आईटीबीपी के जवानों में नई ऊर्जा का संचार किया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण को