प्रधानमंत्री ने भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) कर्मियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दी
Naitik Chakravarti Times
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प्रधानमंत्री ने भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के स्थापना दिवस के अवसर पर कर्मियों को बधाई देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और सतत विकास के प्रति उनके योगदान को सराहा।
भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अपनी स्थापना दिवस की समारोह में इस वर्ष भी देश के प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर अपनी उपलब्धियों को उजागर किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सभी ITBP कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि हिमालयी सीमा की सुरक्षा में उनका समर्पण और साहस राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा में अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते जोखिमों के सामने, ITBP का बहु‑कार्यात्मक भूमिका—जैसे पर्वत बचाव, जलवायु निगरानी और सीमा नियंत्रण—अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
प्रधानमंत्री ने ITBP के इतिहास और विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1965 में स्थापित इस बल ने प्रारम्भिक वर्षों में केवल सीमा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि आज यह पर्यावरण संरक्षण, उच्चतम पर्वतीय शैक्षणिक प्रशिक्षण और जनसुरक्षा के क्षेत्रों में भी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सरकार ITBP को आधुनिक उपकरण, तकनीकी उन्नयन और प्रशिक्षण सुविधाओं में निरंतर निवेश करेगी, जिससे सैनिकों की कार्यक्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सैनिकों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिसमें हिमालयी क्षेत्रों में कठिन मौसम में बचाव कार्य और सीमा पर आतंकवादी धड़ाधड़ी को रोकने के उदाहरण सामने आए। इस वर्ष के थीम को “सुरक्षा और सतत विकास के संगम” रखा गया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ पर्यावरणीय स्थिरता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री ने सभी ITBP कर्मियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यनिष्ठा को बनाए रखें और भारत की शांति एवं समृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।