पंजाब और हरियाणा के प्रमुख धान‑उत्पादन क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं को काबू करने हेतु सीएक्यूएम ने हवाई निगरानी और जमीनी‑स्तरीय जाँच को मिलाकर ‘फ्लाइंग स्क्वाड’ का गठन किया, जिससे प्रदूषण‑नियंत्रण में नई गति मिली है।

Naitik Chakravarti Times
अनुभवी पत्रकार और लेखक