सिंगापुर‑भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (सिम्बेक्स‑2026) के 33वें संस्करण का समापन
Naitik Chakravarti Times
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सिंगापुर और भारत ने इस वर्ष 33वें सिम्बेक्स अभ्यास को सफलतापूर्वक समाप्त किया, जिसमें दोनों देशों के नौसेनाओं ने उन्नत संयुक्त संचालन क्षमताओं और आपसी सहयोग को सुदृढ़ किया।
सिंगापुर‑भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास, जिसे सिम्बेक्स‑2026 के नाम से जाना जाता है, ने इस वर्ष अपनी 33वीं बार सफलतापूर्वक समापन किया। यह अभ्यास, जिसे 1993 में प्रथम बार शुरू किया गया था, दोनों देशों के नौसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी और संयुक्त संचालन की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से वार्षिक रूप से आयोजित किया जाता है। इस वर्ष के अभ्यास में 12 भारतीय नौसेना जहाज़ों के साथ 8 सिंगापुर नौसेना जहाज़ों ने समुद्री रूटिंग, संयुक्त टॉरपीडो ड्राइंग, और संयुक्त शत्रु पहचान एवं प्रतिक्रिया (IAR) पर कार्य किया।
सिम्बेक्स‑2026 के दौरान, दोनों नौसेनाओं ने उन्नत समुद्री संचार प्रोटोकॉल, वास्तविक समय डेटा साझा करने की प्रणालियाँ, तथा संयुक्त शत्रु पहचान एवं प्रतिक्रिया क्षमताओं का परीक्षण किया। भारतीय नौसेना के कमांडर ने बताया कि इस अभ्यास ने दोनों दलों की समुद्री सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संयुक्त लॉजिस्टिक समर्थन के प्रति आपसी विश्वास को गहरा किया। सिंगापुर के नौसेना प्रमुख ने कहा कि यह अभ्यास क्षेत्रीय समुद्री स्थिरता और आपसी सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसे आगे भी जारी रखने की योजना है।
सिम्बेक्स अभ्यास का 33वाँ संस्करण, जिसे दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने "सफल और शिक्षाप्रद" घोषित किया, ने भविष्य के समुद्री चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों नौसेनाओं की तैयारियों को और मजबूती दी। दोनों पक्षों ने यह भी सहमति जताई कि आने वाले वर्षों में अभ्यास के दायरे को विस्तारित किया जाएगा, जिसमें साइबर सुरक्षा, ड्रोन आधारित समुद्री निगरानी और आपसी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। इस प्रकार, सिम्बेक्स‑2026 ने न केवल समुद्री सुरक्षा में नई ऊँचाइयाँ स्थापित कीं, बल्कि क्षेत्रीय साझेदारी को भी एक नई दिशा प्रदान की।