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** सरकार ने हॉटस्पॉट जिलों में लंबित आपराधिक मामलों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों को एकजुट किया
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** सरकार ने हॉटस्पॉट जिलों में लंबित आपराधिक मामलों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों को एकजुट किया

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•15 अक्टूबर 2026 को 05:07 am बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

** न्यायिक प्रक्रिया में देरी को कम करने और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों को एक संयुक्त मंच के तहत कार्य करने का आदेश दिया है।

**
केंद्रीय सरकार ने हाल ही में एक व्यापक योजना का अनावरण किया, जिसमें देश के प्रमुख राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) को हॉटस्पॉट जिलों में लंबित आपराधिक मामलों के निपटारे में सहयोग करने के लिए एकजुट किया गया है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य न्यायिक बकाया को घटाकर स्थानीय स्तर पर न्याय तक पहुँच को तेज़ बनाना तथा सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। सरकार ने बताया कि इन जिलों में कई मामलों में कई सालों से देरी होती आ रही है, जिससे सामाजिक असंतोष और अपराध में वृद्धि देखी गई है। इस परिप्रेक्ष्य में, विधि संस्थानों को तकनीकी, शोध एवं प्रशिक्षण समर्थन प्रदान करने, फ्री लिगल एड क्लिनिक स्थापित करने और स्थानीय न्यायालयों के साथ मिलकर केस प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने का निर्देश दिया गया है।

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों ने इस घोषणा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और बताया कि वे अपने शैक्षणिक संसाधनों, प्रोफेसर एवं छात्रवर्ग की विशेषज्ञता का उपयोग करके तेज़-ट्रैक कोर्ट, वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR) और डिजिटल केस ट्रैकिंग जैसे उपायों को लागू करेंगे। इसके अलावा, विश्वविद्यालयों को स्थानीय पुलिस और अभियोजन एजेंसियों के साथ समन्वय कर साक्ष्य संग्रह, वकील प्रशिक्षण और अभियोजन रणनीति में सुधार लाने का कार्य सौंपा गया है। इस सहयोग से न केवल मामलों की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा भी पुनर्स्थापित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया गया तो यह अन्य क्षेत्रों में भी दोहराया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक बकाया को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा। सरकार ने इस पहल को दीर्घकालिक न्याय सुधार कार्यक्रम के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसमें आगे के चरण में अधिक NLUs को शामिल करने और परिणामों की नियमित निगरानी करने की योजना है। यह सहयोग न्याय के सुलभता को बढ़ाने और हॉटस्पॉट जिलों में सामाजिक शांति को स्थापित करने की दिशा में एक आशाजनक कदम माना जा रहा है।
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