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राष्ट्रीय अभ्यास “वज्र‑सेट” का बेंगलुरु में समापन, मवेशियों में खुरपका और मुंहपका रोग के लिए भारत की तैयारियों को सुदृढ़ करता है
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राष्ट्रीय अभ्यास “वज्र‑सेट” का बेंगलुरु में समापन, मवेशियों में खुरपका और मुंहपका रोग के लिए भारत की तैयारियों को सुदृढ़ करता है

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•6 नवंबर 2026 को 09:44 am बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य अभ्यास “वज्र‑सेट” ने मवेशियों में खुरपका और मुंहपका रोग की रोकथाम एवं त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल, प्रशिक्षण और संसाधनों को व्यवस्थित किया, जिससे देश भर में रोग‑प्रबंधन क्षमता को नई दिशा मिली है।

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राज्य पशु स्वास्थ्य विभागों के सहयोग से बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय अभ्यास “वज्र‑सेट” का सफलतापूर्ण समापन हुआ। इस दो‑सप्ताह के व्यापक अभ्यास में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों के 1500 से अधिक पशु चिकित्सकों, रोग विज्ञानियों और प्रबंधन अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खुरपका (क्लाउड) और मुंहपका (फूट) रोग—जो मवेशियों में अत्यधिक आर्थिक नुकसान और खाद्य सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं—के प्रति राष्ट्रीय प्रतिक्रिया प्रणाली को परखना और सुदृढ़ बनाना था। प्रतिभागियों ने सिम्युलेटेड रोग‑प्रकोप परिदृश्यों में त्वरित निदान, वैक्सीन वितरण, क्वारंटीन प्रोटोकॉल और संपर्क ट्रेसिंग जैसी प्रक्रियाओं का वास्तविक समय में अभ्यास किया।

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कई बार खुरपका और मुंहपका रोग के प्रकोप देखे हैं, जिनमें 2022‑23 के बड़े प्रकोप ने पशु मालिकों और कृषि अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाला था। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए “वज्र‑सेट” ने राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत रोग‑निगरानी नेटवर्क, डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली और आपातकालीन वैक्सीन भंडार को सक्रिय करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ स्थापित कीं। अभ्यास के दौरान विकसित किए गए प्रोटोकॉल को अब सभी राज्य पशु स्वास्थ्य विभागों को वितरित किया गया है, जिससे किसी भी भविष्य के प्रकोप में प्रारम्भिक पहचान और त्वरित नियंत्रण संभव हो सकेगा।

कार्यक्रम के समापन समारोह में कृषि मंत्री ने कहा कि “वज्र‑सेट” ने हमारी रोग‑तैयारी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है और यह दर्श
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