** एमओएचयूए के शहरी विकास विभाग के सचिव ने पीएमएवाई‑यू 2.0 के तहत सीएसएमसी की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की
Naitik Chakravarti Times
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** प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के कार्यान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मोह्यूए के शहरी विकास विभाग के सचिव ने शहर‑विशिष्ट निगरानी समिति (CSMC) की दशम बैठक का संचालन किया।
** प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0, जिसका लक्ष्य 2025 तक शहरी गरीब वर्ग के लिए दो करोड़ आवास इकाइयाँ उपलब्ध कराना है, के कार्यान्वयन की समीक्षा हेतु मोह्यूए के शहरी विकास विभाग के सचिव ने शहर‑विशिष्ट निगरानी समिति (CSMC) की 10वीं बैठक का संचालन किया। इस मंच में केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों, तथा प्रमुख वित्तीय संस्थानों के अधिकारी शामिल थे। बैठक में पिछले पाँच महीनों में लागू किए गए प्रोजेक्टों की प्रगति, निधि प्रवाह की स्थिति और शहरी क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों के वितरण में उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। सचिव ने बताया कि अब तक 1.8 करोड़ से अधिक इकाइयों का निर्माण या पुनर्वास कार्य शुरू हो चुका है, परंतु कुछ मेट्रो शहरों में भूमि अधिग्रहण और जल‑विद्युत अवसंरचना की कमी के कारण लक्ष्य में कुछ अंतर बना हुआ है।
बैठक में आगामी चरणों के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देशों पर भी विचार-विमर्श हुआ। सीएसएमसी ने सुझाव दिया कि राज्य‑स्तर पर “एकीकृत आवासीय प्लेटफ़ॉर्म” स्थापित कर परियोजनाओं की निगरानी को तेज किया जाए, और निजी क्षेत्र के साथ सार्वजनिक‑निजी साझेदारी (PPP) को सुदृढ़ किया जाए। इसके अतिरिक्त, वित्तीय संस्थानों को ऋण सुविधा में लचीलापन प्रदान करने, तथा निर्माण सामग्री की लागत को नियंत्रित करने हेतु केंद्र‑राज्य सहयोग को बढ़ावा देने की मांग की गई। सचिव ने इन सिफ़ारिशों को शीघ्र कार्यान्वित करने का आश्वासन दिया, और सभी स्टेकहोल्डरों को समय पर लक्ष्य प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
बैठक का समापन एक संयुक्त कार्य योजना के स्वीकृत होने के साथ हुआ, जिसमें अगले तिमाही में 25 प्रमुख शहरों में 30,000 अतिरिक्त आवास इकाइयों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल से शहरी गरीबों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना, तथा शहर