प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार भारत को समृद्धि, ज्ञान, शक्ति एवं वैश्विक शांति के प्रति समर्पित राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध
Naitik Chakravarti Times
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रक्षा मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार समृद्धि, ज्ञान और शक्ति के साथ-साथ वैश्विक शांति और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित एक नया भारत गढ़ने का संकल्प रखती है।
रक्षा मंत्री ने रक्षा वायुसेना के वार्षिक सम्मेलन में यह घोषणा की कि भारत का विकास केवल आंतरिक समृद्धि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक शांति और मानवता के हित में भी योगदान देगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों को “समृद्धि, ज्ञान, शक्ति” के तीन स्तंभों पर आधारित बताया, और साथ ही “वैश्विक शांति और मानवता के कल्याण” को एक अतिरिक्त स्तंभ के रूप में जोड़ा। यह बयान भारत की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जिसमें रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ मानवीय सहायता, आपदा प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय शांति मिशनों में सक्रिय भूमिका निभाने का लक्ष्य शामिल है।
रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत की रक्षा नीति अब केवल राष्ट्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह विश्व के शांति-स्थापना प्रयासों में योगदान देने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में स्वदेशी रक्षा उद्योग को सुदृढ़ किया है, जिससे देश की आत्मनिर्भरता बढ़ी है और विश्वसनीय साझेदारियों के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को समर्थन मिला है। इसके अलावा, उन्होंने वैश्विक शांति के प्रति भारत के समर्पण को “मानवता के कल्याण” के साथ जोड़ते हुए, यह स्पष्ट किया कि भारत का लक्ष्य एक ऐसा राष्ट्र बनाना है जो आर्थिक और तकनीकी प्रगति के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर शांति और मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता भी रखता हो।