एनएमबीए की पहुंच 34.54 करोड़ नागरिकों तक, जिसमें 13.70 करोड़ से अधिक युवा और 10.64 करोड़ महिलाएं शामिल
Naitik Chakravarti Times
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राष्ट्रीय मिशन “एनएमबीए” ने अब 34.54 करोड़ लोगों तक अपनी सेवाएँ पहुँचाई हैं, जिसमें युवा और महिला वर्ग का विशेष रूप से बड़ा हिस्सा शामिल है, जिससे सामाजिक‑आर्थिक विकास में नई दिशा मिली है।
राष्ट्रीय मिशन “एनएमबीए” (National Mission for Better Access) ने हाल ही में अपनी पहुंच को 34.54 करोड़ नागरिकों तक विस्तारित कर लिया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है और सरकार के समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मिशन के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन जैसे कई क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लाभार्थियों को समान अवसर मिल सके। विशेष रूप से 13.70 करोड़ से अधिक युवा और 10.64 करोड़ महिलाएं इस पहल से सीधे जुड़ी हुई हैं, जिससे रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और युवा कौशल उन्नति में उल्लेखनीय प्रगति की उम्मीद की जा रही है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “एनएमबीए का मुख्य उद्देश्य सामाजिक असमानताओं को कम करना और प्रत्येक नागरिक को बुनियादी सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना है। युवा वर्ग के लिए स्किल ट्रेनिंग, उद्यमिता समर्थन और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को तेज़ी से लागू किया जा रहा है, जबकि महिलाओं के लिए स्वास्थ्य देखभाल, मातृत्व सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के विशेष पैकेज तैयार किए गए हैं।” इस संदर्भ में, विभिन्न राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के साथ सहयोग को भी मजबूत किया गया है, जिससे योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
आगे के चरणों में एनएमबीए ने 2027 तक कुल 50 करोड़ नागरिकों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें विशेष रूप से शहरी स्लम, आदिवासी क्षेत्रों और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दिशा में अतिरिक्त बजट आवंटन, तकनीकी नवाचार और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि सामाजिक समावेशी विकास के लक्ष्य को समय पर हासिल किया जा सके।