सशक्त लोकतंत्र संवाद, विविध विचारों और सार्थक जनभागीदारी पर आधारित होता है: लोकसभा अध्यक्ष
Naitik Chakravarti Times
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लोकसभा के अध्यक्ष ने संसद में दिए भाषण में यह स्पष्ट किया कि सशक्त लोकतंत्र संवाद, विविध विचारों और जनता की सार्थक भागीदारी पर निर्भर करता है।
लोकसभा के अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज की सत्र में यह स्पष्ट किया कि सशक्त लोकतंत्र का आधार संवाद, विविध विचारों और जनभागीदारी की गहनता है। उन्होंने कहा, “एक स्वस्थ लोकतंत्र तभी टिकाऊ होता है जब सभी नागरिक और राजनीतिक दल अपने मतभेदों को सम्मानपूर्वक व्यक्त कर सकें और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकें।” यह वक्तव्य उस सत्र के दौरान आया जब संसद में वर्तमान नीति और शासन के दिशा-निर्देशों पर बहस चल रही थी।
अध्यक्ष ने संसद के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर संवाद के महत्व पर बल दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि संसद की कार्यवाही में सभी सदस्यों को अपनी राय व्यक्त करने का समान अवसर मिलता है, जबकि “सार्वजनिक सुनवाई” और “नागरिक सहभागिता मंच” जैसे उपायों से आम जनता को नीति निर्माण में शामिल किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि विविध विचारों का समावेश नीतियों को अधिक संतुलित और समावेशी बनाता है, जिससे सामाजिक समरसता बनी रहती है।
इस वक्तव्य से यह स्पष्ट होता है कि भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे में संवाद और भागीदारी को केंद्रीय भूमिका दी जाती है। यह दृष्टिकोण न केवल संसद के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाता है