** उन्नत रसायन, पेट्रोकेमिकल और सामग्री प्रौद्योगिकी को अनुसंधान‑विकास एवं नवाचार (आरडीआई) योजना में सम्मिलित किया गया
Naitik Chakravarti Times
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** भारत की नई आरडीआई योजना ने उन्नत रसायन, पेट्रोकेमिकल और सामग्री प्रौद्योगिकी को प्रमुख क्षेत्र के रूप में मान्यता दी, जिससे इनसे जुड़े उद्योगों को वित्तीय एवं तकनीकी समर्थन मिलेगा।
** केंद्रीय सरकार ने हाल ही में अपनी अनुसंधान‑विकास एवं नवाचार (RDI) योजना के दायरे में उन्नत रसायन, पेट्रोकेमिकल और सामग्री प्रौद्योगिकी (मैटीरियल टेक्नोलॉजीज) को प्रमुख स्तंभ के रूप में जोड़ दिया है। इस कदम का उद्देश्य इन रणनीतिक क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करना, आयात पर निर्भरता घटाना और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना है। योजना के तहत चयनित संस्थानों, स्टार्ट‑अप्स और उद्योगों को अनुदान, ऋण गारंटी और सह‑विकास मंच प्रदान किए जाएंगे, जिससे नवाचार‑आधारित उत्पादों का विकास तेज़ी से हो सके।
पिछले वर्षों में भारत ने फार्मास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, परंतु उन्नत रसायन और पेट्रोकेमिकल के क्षेत्र में तकनीकी अंतर अभी भी मौजूद है। इस संदर्भ में, सरकार ने उद्योग‑अकादमी‑शोध संस्थान (इंडस्ट्री‑अकादमी‑रिसर्च) मॉडल को अपनाते हुए सहयोगी मंच स्थापित करने की योजना बनाई है, जहाँ राष्ट्रीय प्रयोगशालाएँ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और निजी कंपनियाँ मिलकर वैकल्पिक कच्चे माल, ऊर्जा‑कुशल प्रक्रियाएँ और उच्च‑प्रदर्शन सामग्री के विकास पर काम करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि निर्यात क्षमता में भी सुधार होगा। साथ ही, नई नौकरियों का सृजन और कौशल विकास के अवसर भी उत्पन्न होंगे, जिससे व्यापक आर्थिक लाभ की आशा की जा रही है। इस प्रकार, उन्नत रसायन, पेट्रोकेमिकल और सामग्री प्रौद्योगिकी को आरडीआई योजना में सम्मिलित करना भारत के औद्योगिक विकास की