दूध और दही के बाद, कर्नाटक में घी, मक्खन और पनीर की कीमतें भी बढ़ी
Naitik Chakravarti Times
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कर्नाटक के उपभोक्ताओं को दूध और दही की बढ़ती कीमतों के बाद घी, मक्खन और पनीर पर भी इसी तरह की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
हाल ही में कर्नाटक के विभिन्न बाजारों में दूध और दही की कीमतों में हुई वृद्धि के साथ-साथ घी, मक्खन और पनीर की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कृषि विभाग और राज्य के खाद्य एवं पोषण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इन डेयरी उत्पादों की लागत में औसतन 12–15 % की वृद्धि हुई है। यह प्रवृत्ति मुख्यतः कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि, परिवहन लागत में बढ़ोतरी और सर्दी के मौसम में उत्पादन में कमी के कारण उत्पन्न हुई है।
उपभोक्ता संगठन के एक प्रतिनिधि ने बताया कि “घी और मक्खन की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण कच्चे दूध की बढ़ी हुई लागत और उत्पादन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले फीड की कीमतों में उछाल है। पनीर की कीमतें, जो मुख्यतः दूध से बनती हैं, उसी तरह के कारकों से प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, राज्य में हाल के वर्षा के अस्थिर होने से डेयरी पशुओं के पोषण में भी कमी आई है, जिससे दूध की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ा है।”
इस स्थिति के बीच, राज्य सरकार ने कुछ राहत उपायों की घोषणा की है, जैसे कि डेयरी किसानों के लिए सब्सिडी में वृद्धि और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष फीड सप्लाई कार्यक्रम। साथ ही, उपभोक्ताओं को किफायती विकल्पों की ओर ध्यान देने और स्थानीय बाजारों में मूल्य तुलना करने की सलाह दी गई है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो कर्नाटक के कई परिवारों के लिए डेयरी उत्पादों का वहन करना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे खाद्य सुरक्षा और पोषण पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।