खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन 5-6 नवंबर, 2026 को गोवा में आयोजित होगा
Naitik Chakravarti Times
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भारत के खनन मंत्रियों का चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 5‑6 नवंबर को गोवा के समुद्र तटों पर आयोजित होने जा रहा है, जहाँ खनन नीतियों, सतत विकास और वैश्विक सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
भारत के खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन, जिसे राष्ट्रीय खनन नीति एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मंच के रूप में जाना जाता है, इस वर्ष 5‑6 नवंबर को गोवा के प्रतिष्ठित शिल्प होटल में आयोजित होगा। यह कार्यक्रम पिछले तीन सम्मेलनों के अनुभव पर आधारित है, जिनमें भारत ने अपनी खनन नीति में पारदर्शिता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्थानीय समुदायों के लिए लाभकारी कार्यक्रमों को प्रमुखता दी। इस बार गोवा के शांत समुद्र तटों पर आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में नई तकनीकों, ऊर्जा दक्षता और जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलनशील उपायों पर चर्चा करना है।
सम्मेलन में लगभग 30 देशों के खनन मंत्रियों, अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रतिनिधियों और भारतीय खनन मंत्रालय के प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। एजेंडा में खनन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन, ब्लॉकचेन आधारित आपूर्ति श्रृंखला पारदर्शिता, तथा खनन से प्रभावित समुदायों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण योजनाएँ शामिल हैं। विशेष रूप से, भारत सरकार ने यह घोषणा की है कि सम्मेलन के दौरान एक नई ‘सतत खनन कार्यवाही ढाँचा’ (Sustainable Mining Action Framework) पर सहमति बनाई जाएगी, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेश को एकीकृत करेगा।
इस सम्मेलन के बाद, भारत और उसके सहयोगी देशों के बीच खनन क्षेत्र में निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के लिए एक नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि गोवा में आयोजित यह कार्यक्रम खनन नीति के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत की अग्रणी भूमिका को सुदृढ़ करेगा और खनन उद्योग के लिए एक अधिक स्थायी एवं समावेशी भविष्य की दिशा तय करेगा।