भारत और नीदरलैंड ने कृषि सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की
Naitik Chakravarti Times
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भारत और नीदरलैंड के कृषि अधिकारियों ने कृषि क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने हेतु नई पहल पर चर्चा की, जिसमें तकनीकी विनिमय, शोध परियोजनाएँ और व्यापारिक अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भारत और नीदरलैंड के कृषि मंत्रालयों के प्रतिनिधि हाल ही में एक संयुक्त कार्यशाला में मिले, जहाँ दोनों देशों ने कृषि सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए कई रणनीतिक कदमों पर सहमति जताई। नीदरलैंड, जो विश्व के अग्रणी कृषि प्रौद्योगिकी और सटीक खेती के क्षेत्र में अग्रणी है, ने भारतीय किसानों के लिए उन्नत हाइड्रोपोनिक सिस्टम, स्मार्ट सिंचाई समाधान और डेटा आधारित निर्णय लेने के उपकरण साझा करने का प्रस्ताव रखा। वहीं भारतीय पक्ष ने अपनी विशाल कृषि भूमि, विविध जलवायु और बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता को उजागर करते हुए, नीदरलैंड के साथ संयुक्त अनुसंधान केंद्र स्थापित करने और दोनों देशों के बीच कृषि उत्पादों के निर्यात-आयात को आसान बनाने के लिए नई व्यापारिक ढाँचों पर चर्चा की।
इस वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के लिए अनुकूलित फसल किस्मों के विकास, जैविक खेती के प्रचार और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा की। भारतीय कृषि विज्ञान संस्थान (ICAR) और नीदरलैंड के Wageningen University के बीच एक सहयोगी समझौता किया गया, जिसके तहत शोधकर्ताओं को आपसी विनिमय कार्यक्रमों और संयुक्त परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और लॉजिस्टिक नेटवर्क के निर्माण की संभावना पर भी सहमति जताई।
इन कदमों से उम्मीद है कि भारत में कृषि उत्पादन दक्षता में वृद्धि होगी, साथ ही नीदरलैंड के लिए नए बाजार और निवेश के अवसर खुलेंगे। कृषि क्षेत्र में इस द्विपक्षीय सहयोग से दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नया आयाम मिलेगा, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।