गुरुवार, 5 नवंबर 2026
Englishहिन्दीਪੰਜਾਬੀ
नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स
नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयराजनीतिव्यवसायप्रौद्योगिकीखेलस्वास्थ्यशिक्षा
टॉपराष्ट्रीयराजनीतिव्यवसायप्रौद्योगिकीखेलस्वास्थ्यशिक्षा

नैतिक चक्रवर्ती टाइम्स

Your News, Your Language

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क
  • पत्रकार के रूप में जुड़ें

भाषाएँ

  • English
  • हिन्दी (Hindi)
  • ਪੰਜਾਬੀ (Punjabi)

हमें फॉलो करें

Email: naitikchakravartitimes@gmail.com

Phone: +91-9453515239

© 2026 Naitik Chakravarti Times Publications. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
भारत की शिक्षा नीति में डिजिटल उन्नयन और ग्रामीण-शहरी समावेशिता पर नवीन कदम
  1. होम
  2. शिक्षा
शिक्षा

भारत की शिक्षा नीति में डिजिटल उन्नयन और ग्रामीण-शहरी समावेशिता पर नवीन कदम

Naitik Chakravarti TimesNaitik Chakravarti Times
•21 अक्टूबर 2026 को 06:30 am बजे•1 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें

भारत ने 2025‑26 शैक्षणिक वर्ष के लिए नई शिक्षा नीति लागू की है, जिसमें डिजिटल शिक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण और ग्रामीण-शहरी समावेशिता पर जोर दिया गया है। बजट में 10% वृद्धि के साथ 1.5 ट्रिलियन रुपये का निवेश किया गया है। यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

भारत की शिक्षा नीति पर नवीनतम विकासों के बीच, सरकार ने 2025‑26 शैक्षणिक वर्ष के लिए नए मानदंड जारी किए हैं। यह निर्णय ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। शिक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट किया कि 2024 में कुल 1.2 करोड़ छात्रों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाठ्यक्रम पूरा किया, जबकि केवल 30 प्रतिशत ने पारंपरिक कक्षा में भाग लिया। इस बदलाव का मुख्य कारण महामारी के बाद की सीखने की कमी को दूर करना और शिक्षण संसाधनों की समान पहुँच सुनिश्चित करना है।

नई नीति के तहत, प्रत्येक सरकारी विद्यालय को कम से कम 20 डिजिटल ट्यूटरिंग यूनिट्स से लैस किया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 प्रतिशत वृद्धि की जाएगी, जिससे 50,000 शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण तकनीक पर कार्यशालाएँ मिलेंगी। यह पहल शिक्षकों की डिजिटल दक्षता बढ़ाने और छात्रों को इंटरैक्टिव शिक्षण अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

साक्ष्य बताते हैं कि 2019 से 2024 तक भारत में साक्षरता दर 74% से बढ़कर 81% हो गई है, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी 12% की कमी है। सरकार ने इस अंतर को पाटने के लिए 15 लाख मोबाइल लैपटॉप वितरित करने की योजना बनाई है। साथ ही, ग्रामीण शिक्षण केंद्रों में 1,200 नई कक्षाएँ स्थापित की जाएंगी।

शिक्षा बजट में 2025‑26 के लिए 10% की वृद्धि की गई है, जो कि 1.5 ट्रिलियन रुपये के बराबर है। इस राशि का 60% आधारभूत संरचना पर खर्च किया जाएगा, जबकि 40% पाठ्यक्रम विकास और शिक्षक प्रशिक्षण पर जाएगा। बजट में अतिरिक्त 200 करोड़ रुपये ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के विकास के लिए आरक्षित हैं।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल शिक्षा से छात्रों की रचनात्मक क्षमता में 25% सुधार हो सकता है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी की संभावना है। अध्ययन दिखाते हैं कि डिजिटल कौशल वाले छात्रों की नौकरी पाने की दर 30% अधिक है।

हालाँकि, आलोचकों का तर्क है कि डिजिटल उपकरणों की पहुँच अभी भी असमान है और इससे शैक्षणिक असमानता बढ़ सकती है। सरकार ने इस चिंता का समाधान करते हुए, मुफ्त इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था की है। इसके अलावा, 5,000 शहरी व ग्रामीण कक्षाओं में हाई‑स्पीड वाई‑फाई स्थापित किया जाएगा।

सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के साझेदारी मॉडल को भी मजबूत किया गया है, जिससे 2026 तक 500 नए सार्वजनिक‑निजी साझेदारी स्कूल खुलेंगे। इस मॉडल के तहत, निजी निवेशकों को कर‑राहत दी जाएगी, जबकि शिक्षा विभाग पाठ्यक्रम और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करेगा।

नवीनतम नीति से शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह पहल छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के साथ-साथ ग्रामीण-शहरी शिक्षा अंतर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस पहल से भारत की शिक्षा व्यवस्था में संतुलन और समावेशिता की नई दिशा मिलती है।
साझा करें:
Naitik Chakravarti Times

Naitik Chakravarti Times

अनुभवी पत्रकार और लेखक

More from शिक्षा

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता प्रदान करने के लिए एसआरआई फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की
शिक्षा

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता प्रदान करने के लिए एसआरआई फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की

5 नव॰ 2026
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता प्रदान करने के लिए एसआरआई फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की
शिक्षा

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता प्रदान करने के लिए एसआरआई फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की

5 नव॰ 2026
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा
शिक्षा

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा

5 नव॰ 2026
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा
शिक्षा

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा

5 नव॰ 2026
प्रधानमंत्री ने सत्य, ज्ञान और सदाचार के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
शिक्षा

प्रधानमंत्री ने सत्य, ज्ञान और सदाचार के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

5 नव॰ 2026
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा
शिक्षा

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा

5 नव॰ 2026