** लोकसभा अध्यक्ष ने गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर बधाई दी
Naitik Chakravarti Times
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** संसद के अध्यक्ष ने गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर सभी हिन्दुओं को शुभकामनाएँ देते हुए सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भावना को पुनः स्थापित करने का संदेश दिया।
** लोकसभा अध्यक्ष ने आज गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर सभी हिन्दू समुदाय को हार्दिक बधाई दी और इस पावन अवसर पर शांति, समृद्धि और एकता की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गणेश जी का प्रतीक “विघ्नहर्ता” और “सुरुचि के देवता” के रूप में भारतीय सभ्यता में गहरी जड़ें रखता है, जो सामाजिक और आर्थिक विकास के मार्ग में बाधाओं को दूर करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस पर्व के दौरान विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता को बल मिलता है।
अध्यक्ष ने इस अवसर पर संसद के सभी सदस्यों को भी इस त्यौहार की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को सामाजिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान में देश विभिन्न आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, और गणेश चतुर्थी जैसे सांस्कृतिक पर्वों को अपनाकर सामाजिक सहयोग और सामूहिक भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है। इस संदर्भ में उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस त्यौहार को हिंसा या विभाजन के साधन के बजाय एकजुटता के प्रतीक के रूप में उपयोग करें।
अंत में, अध्यक्ष ने सभी नागरिकों को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक समारोहों के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करने की याद दिलाई, साथ ही यह भी कहा कि भारत की विविधता में निहित शक्ति ही देश को आगे बढ़ाने का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर, सभी को मिलकर सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय प्रगति के लक्ष्य को साकार करने का संकल्प लेना चाहिए।