पर्यावरण मंत्रालय ने प्लास्टिक कचरे पर नई नियामक दिशा-निर्देश जारी किए – प्रेस नोट
Naitik Chakravarti Times
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पर्यावरण संरक्षण के तहत सरकार ने प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु कड़े नियमों की घोषणा की, जिससे उद्योग, नगर निगम और आम जनता को नई जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ेगा।
पर्यावरण मंत्रालय ने आज जारी किए गए एक विस्तृत प्रेस नोट में बताया कि देश में प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए नई नियामक दिशा-निर्देश लागू किए जा रहे हैं। इन नियमों के तहत सभी बड़े और छोटे उद्योगों को अपने उत्पादन प्रक्रियाओं में पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के उपयोग को 70 % तक बढ़ाने और एकल‑उपयोग प्लास्टिक उत्पादों को धीरे‑धीरे समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, नगर निगमों को कचरा संग्रहण, वर्गीकरण और पुनःप्रसंस्करण के लिए आधुनिक सुविधाएँ स्थापित करने का आदेश दिया गया है, जिससे कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इन नियमों की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय पर्यावरण निगरानी बोर्ड स्थापित किया जाएगा, जो उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर जुर्माना और प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करेगा।
पिछले कुछ वर्षों में भारत में प्लास्टिक कचरे की मात्रा में निरंतर वृद्धि देखी गई है, जिससे जल स्रोतों, समुद्र तटों और जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। इस संदर्भ में, सरकार ने 2023 में प्रारम्भिक कदम उठाते हुए सिंगल‑यूज़ प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन कई क्षेत्रों में उसका प्रभाव सीमित रहा। नई दिशा-निर्देशों का उद्देश्य न केवल उत्पादन पक्ष में परिवर्तन लाना है, बल्कि उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाकर पुनर्चक्रण को सामान्य बनाना भी है। मंत्रालय ने इस पहल के समर्थन में विभिन्न राज्य सरकारों, गैर‑सरकारी संगठनों और उद्योग संघों से सहयोग का अनुरोध किया है, ताकि एक सतत और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में सामूहिक प्रयास साकार हो सके।