** श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अपने “विशेष अभियान 6” के अंतर्गत छह प्रमुख चरणों को सफलतापूर्वक संपन्न किया है, जिससे देश के रोजगार ढाँचे को सुदृढ़ करने का लक्ष्य पूरा हुआ। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास, उद्यमिता को प्रोत्साहन और रोजगार सृजन के लिए एक समग्र मंच तैयार करना था। मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों के साथ मिलकर 30,000 से अधिक युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया, जिसके परिणामस्वरूप 15,000 से अधिक रोजगार अवसर पैदा हुए।
अभियान के दौरान, श्रम मंत्रालय ने “कौशल विकास पोर्टल” के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध कराए और “उद्यमिता कार्यशाला” के तहत स्टार्ट‑अप्स को वित्तीय सहायता और मेंटरशिप प्रदान की। इसके अतिरिक्त, “रोजगार मेलों” के आयोजन से हजारों नौकरी चाहने वालों को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ने का कार्य किया गया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस अभियान के तहत विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े वर्गों के युवाओं को प्राथमिकता दी गई, जिससे रोजगार में क्षेत्रीय असमानता को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
विशेष अभियान 6 के सफल समापन के साथ, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे बहु‑आयामी कार्यक्रमों को जारी रखकर रोजगार के अवसरों में वृद्धि और कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। इस प्रयास से न केवल नौकरी के अवसर बढ़े हैं, बल्कि देश के समग्र आर्थिक विकास में भी योगदान की अपेक्षा है।