भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में AI का इस्तेमाल बढ़ाने की पहल, WHO और Wadhwani AI के बीच समझौता
Naitik Chakravarti Times
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WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय और Lords Education and Health Society ने भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में AI के जिम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सहयोग समझौता किया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल अब केवल तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं में भी इसका उपयोग बीमारी की पहचान, मरीजों की जांच, जोखिम का आकलन और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी के लिए किया जा रहा है।
इसी दिशा में विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय और Lords Education and Health Society ने Wadhwani AI कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में AI के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
इस सहयोग के तहत AI आधारित जांच, स्क्रीनिंग, बीमारी के जोखिम का आकलन और रोगों की निगरानी जैसे क्षेत्रों में अनुभव और प्रमाण जुटाए जाएंगे। स्वास्थ्यकर्मियों तथा सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इस पहल में डेटा की सुरक्षा, मरीजों की निजता और तकनीक के निष्पक्ष इस्तेमाल को महत्वपूर्ण माना गया है। AI से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावना है, लेकिन इसका इस्तेमाल पर्याप्त परीक्षण और विशेषज्ञों की निगरानी के साथ किया जाना जरूरी है।
यह सहयोग शुरुआती तौर पर दो वर्षों के लिए है। इसका उद्देश्य भारत के अनुभवों से सीख लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों के लिए भी उपयोगी जानकारी तैयार करना है।